ब्लॉक क्षेत्र के बड़होर गांव में शनिवार की रात जश्न-ए-गौश-उलवरा के प्रोग्राम में शनिवार की समूची रात मजहबी कौव्वाली का श्रोताओं ने लुत्फ उठाया। एक से बढ़कर एक कौव्वाली की प्रस्तुति कर कौव्वालों ने बाहवाही लुटी। कौव्वाल कलीम वारसी ने अपनी कौव्वाली प्रस्तुत किया, जिसके बोल थे फूल सा चेहरा जलवा मुहम्मद का, खुदा के बाद जो है रूतबा मुहम्मद का। इस पर खूब तालियां बटोरी।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख कासिम हुसैन के सौजन्य से आयोजित जश्न-ए-गौश-उलवरा कार्यक्रम मेे हिंदुस्तान के मशहूर कौव्वाल इस्तियाक अहमद ने अपनी कौव्वाली प्रस्तुत किया, जिसके बोल थे मेरे सनम का जलवा हर शय में चारसू है। तन्हा मैं कैसे हूं, तुझे दुई की बू है। कौव्वाली प्रस्तुत कर खुब तालियां बटोरी। इसके बाद कहा बुलबुला जोशे तलातुम से मिट जाता है, खुद मिटाना है वो दरिया मे मिल जाता है। इसके बाद कौव्वाल निजाम साबान नूरी ने पेश किया। एहसास अलम जोर सितम छोड़ दिया है। फिर प्रस्तुत किया ऐ राज मार्फत है, हक का फैसला है। मैं आईना हूं तू मेरा आईना है, तू ही रसूल है मेरा तू ही मेरा खुदा है। कौव्वाली प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरी। इसके पहले कुरआन ख्वानी तथा फातेहा लंगर आम चला। मिलाद शरीफ एवं मुशायरा बाद महफिलें समा कौव्वाली का प्रोग्राम हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ तथा मध्य प्रदेश से भारी संख्या में लोग शरीक हुए। इस मौके पर वाजीद हुसैन, साजिद हुसैन, अनवर हुसैन, अशफाक, इकरार, इबरार, अमरदेव आदि लोग मौजूद रहे।