सोनभद्र। जिला मुख्यालय राबर्ट्सगंज समेत जिले भर में पति की दीर्घायु एवं मंगल कामना के लिए गुरुवार को महिलाओं ने निर्जल एवं निराहार रहकर सोलहो शृंगार कर भगवान शंकर एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। चार बजे भोर से ही महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजन की शुरुआत की और देर शाम तक शिव मंदिरों में पूजन-अर्चन के लिए महिलाओं का तांता लगा रहा।
भादो शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि गुरुवार को महिलाओं ने हरितालिका तीज का व्रत रखा। चार बजे भोर से ही महिलाओं ने गूंगी (बगैर बोले) स्नान करके सबसे पहले तिल्ली का पत्ता, चावल, खीरा का फूल सहित फल, दूब, हल्दी, गंगाजल, फूल आदि से अर्घ्य दिया। इसके बाद जेवर, नए वस्त्र आदि के साथ सोलहों शृंगार में जुट गई। शाम के समय शिव मंदिरों में विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। इसके बाद हरितालिका तीज व्रत की कथा सुनकर सारी रात गीत-संगीत के माध्यम से जागरण करती रही। राबर्ट्सगंज के वीरेश्वर महादेव मंदिर, सोमनाथ मंदिर, दंडइत बाबा मंदिर स्थित शिव मंदिरों पर पूजन के लिए पहुंची व्रती महिलाओं शीला, सुशीला, लक्ष्मी, रानी, सुनीता, उषा, संगीता, आशा, विमला, उमा, निशा, सीता, गीता, सुमन, गायत्री, शालिनी, अनिता, सरोजबाला आदि ने बताया कि यह व्रत माता पार्वती ने किया था। यह व्रत निर्जल एवं निराहार रहकर किया जाता है। इस दिन पूड़ी-पकवान बनाकर माता पार्वती के परण के लिए रखा जाता है। इसी प्रकार से चोपन, डाला, बभनी, म्योरपुर, ओबरा, रेणुकूट, करमा, केकराही, घोरावल, शिवद्वार, दुद्धी, विंढमगंज, रामगढ़, वैनी, खलियारी, चुर्क, शाहगंज, मधुपुर, महुली, कोन आदि क्षेत्रों में भी महिलाओं ने तीज व्रत रखा।
अनपरा/बीना । ऊर्जांचल में गुरुवार को तीज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। अल सुबह से ही व्रतधारी महिलाओं ने विधि-विधान से तीज व्रत रखा। मंदिरों में पूजन-अर्चन कर भगवान शिव-पार्वती देवी की अराधना कर पति के दिर्घायु की कामना की। बीना में शिवालयों में माता पार्वती का श्रृंगार किया गया। महिलाओं ने निर्जला व्रत रख जागरण किया। पूरी रात महिलाएं जागरण करते हुए कठिन व्रत रखा। बीना में श्रीराम जानकी मंदिर, शिव मंदिर, घरसड़ी गांव स्थित शिव मंदिर सहित अन्य उपासना स्थलों में व्रतधारी महिलाओं का पूजन-अर्चन के लिए रात भर आना-जाना लगा रहा।