सोनभद्र (ओबरा)। सातवें वेतनमान पुनरीक्षण को जुलाई के वेतन के साथ लागू करने की मांग को लेकर बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं ने आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। 22 अगस्त को प्रदेश स्तर पर अधिकारी, कर्मचारी शक्तिभवन लखनऊ में मार्च करेंगे। 30 अगस्त को लखनऊ सहित जिला और परियोजना मुख्यालयों पर सत्याग्रह आंदोलन होगा और फिर 12 सितंबर से प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार करेंगे।
अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव इं. अदालत वर्मा ने बताया कि आंदोलन तेज करने की रणनीति का निर्णय बुधवार को लखनऊ में हुई संघर्ष समिति की बैठक में हुआ। बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे, राजीव सिंह, गिरीश पांडेय, सदरुद्दीन राना, आरएस राय, बिपिन वर्मा, राजेंद्र घिल्डियाल, सुहैल आबिद, अरुण कुमार, केएस रावत, रामनाथ यादव, विमलेश कुमार, आलोक सिन्हा, भगवान मिश्र, पूसे लाल, विजय त्रिपाठी, आरएस वर्मा मौजूद रहे। वर्मा ने बताया कि 28 जून को पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने संघर्ष समिति को लिखित आश्वासन दिया था कि जुलाई के वेतन के साथ सातवें वेतन पुनरीक्षण का भुगतान किया जाएगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है। कहा कि यदि यूपी सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है तो चरणबद्घ तरीके से आंदोलन किया जाएगा और 12 सितंबर से बेमियादी कार्य बहिष्कार शुरू होगा।