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पूर्वांचल में दूर होगी बालू की किल्लत, मिलेगी राहत

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सोनभद्र। यूपी में सोनभद्र को खनिज संपदाओं का हब माना जाता है। यहां की गिट्टी, बालू पूरे पूर्वांचल में विकास समेत अन्य कार्यों के लिए जाता है। लेकिन इधर महज दो खदानों की स्वीकृति से बालू का संकट था। महंगी बालू बाजार में उपलब्ध थी। अब 16 नई खदानों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। टेंडर स्वीकृत होने पर पूर्वांचल में बालू का संकट खत्म होगा। बालू के दाम भी कम होने की उम्मीद है, जिससे विकास और निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।
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वर्तमान में जिले में महज दो बालू साइटें बरहमोरी और खोखा संचालित हैं। इन दोनों साइटों से ही निकल रही बालू से जिले के निर्माण कार्यों के साथ ही पूर्वांचल के कई जिलों में निर्माण कार्य हो रहा है। हालांकि पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी बालू साइटें हैं, लेकिन के पूर्वांचल के अन्य जिलों के बालू की तुलना में सोनभद्र का बालू काफी बेहतर माना जाता है। इसलिए यहां के बालू की मांग ज्यादा होती है। वर्तमान में करीब 30 हजार रुपये में एक हजार फीट बालू मिल रहा है। इससे अपना घर, मकान बनाने वालों को यह दर काफी महंगा पड़ रहा है। इससे लोगों के भवन निर्माण के कार्य काफी हद तक प्रभावित हैं। अब यूपी सरकार ने 16 नई बालू साइटों के टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले 17 साइटों का टेंडर निकला था। इसमें राबर्ट्सगंज तहसील में सोन नदी पर अगोरीखास में चार साइट, भगवा, ससनई में सात साइट, रेणु नदी पर खेवंधा, सोन पर बरहमोरी, दुद्धी तहसील में कनहर नदी पर पीपरडीह व कोरगी, नगवां और बोधाडीह साइट का टेेंडर निकला था लेकिन बाद में खेवंधा बालू साइट का टेंडर वापस ले लिया गया। अब 16 साइटों की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। समझा जा रहा है कि आगामी माह में यह टेंडर स्वीकृत हो जाएगा। यदि 16 अन्य साइटें चालू हो गईं तो पूर्वांचल से काफी हद तक बालू का संकट खत्म हो जाएगा।
इनसेट:
: धारा चार में फंसा है मामला, चल रही है जांच
सोनभद्र। जिले में जिन 16 बालू साइटों के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है, उनमें से एक ससनई बालू साइट को लेकर कुछ लोगों ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में आपत्ति दाखिल की है। जिला खनन अधिकारी अनंत कुमार सिंह ने बताया कि कुछ साइटों का मामला धारा चार से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच चल रही है। बताया कि फिलहाल कोई बालू साइट का टेंडर स्वीकृत नहीं हुआ है लेकिन इस पर कार्रवाई जारी है। कुछ साइटों के जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है।
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