सोनभद्र। जिले में रविवार की रात आंधी के साथ हुई बारिश से कई क्रय केंद्रों के बाहर खरीद कर रखा कई सौ कुंतल धान भीग गया। इसके अलावा किसानों का ट्रैक्टर-ट्राली पर रखा धान भी भीग गया। पिछले कई दिनों से धान बेचने के लिए बारी का इंतजार कर रहे किसानों का उनके आंखों के सामने उनकी गाढ़ी कमाई भीग रहा था और वे लोग विवश होकर देखते रहे। अब किसानों को भीगे धान कहीं खराब न हो जाए इसका भय सताने लगा है। बतादें कि शासन ने जिला प्रशासन को वर्ष 2018-19 में 112000 मीट्रिक टन धान खरीद करने का लक्ष्य दिया है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्धी ब्लॉक क्षेत्र में खोले गए 65 क्रय केंद्र पर अब तक लगभग 65 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। लेकिन अधिकांश केंद्रों से क्रय कर रखे गए धान का उठान धीमी गति से हो रहा है। इस नाते केंद्रों पर धान क्रय भी धीेरे-धीरे किया जा रहा है। कई केंद्रों के बाहर धान क्रय कर बाहर रखा गया है। रविवार की रात हुई बारिश से राबर्ट्सगंज नगर के पीसीएफ गोदाम के समीप स्थित क्रय केेंद्र, सब्जी मंडी परिसर में स्थित क्रय केंद्र, गया रतवल किसान सेवा समिति ममुआ समेत अन्य कई केंद्रों के बाहर रखा सैकड़ों कुंतल धान भीग गया। कमोजी गांव निवासी मनोज दूबे, कमोजी जर्नादन, राजेश, कैथी निवासी हरि नारायण और खैराही निवासी मनी ने कहा कि चार-पांच दिनों से धान विक्रय करने के लिए खड़े है। बारिश से उनका ट्रैक्टर-ट्राली पर लदा धान भीग गया। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि सभी केेंद्र प्रभारियों को नियमानुसार किसानों का धान क्रय करने का निर्देश दिया गया है। केंद्रों पर तिरपाल से धान को ढक कर रखा गया है, ताकि बारिश से धान भिगने न पाएं। कहा कि किसी क्रय केंद्र पर बारिश से धान भीगने की सूचना नहीं मिली है।