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दूसान कंपनी सील करने गए राजस्व कर्मियों को घेरा

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ओबरा। करीब सात करोड़ रुपये राजस्व बकाया होने पर निर्माणाधीन ओबरा सी में कार्यरत दूसान कंपनी के कार्यालय को सील करने गए नायब तहसीलदार कैलाश यादव व अमीन को कंपनी के कर्मचारियों ने मंगलवार को घेर लिया। नायब तहसीलदार के साथ गई ओबरा थाना पुलिस तमाशबीन बनी रही। करीब दो घंटे तक हंगामा चलता रहा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और राजस्व टीम बगैर कार्रवाई किए लौट गई। बताया जा रहा है कि टीम को बंधक भी बनाया गया मगर अफसर इससे इंकार करते रहे।
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ओबरा सी में कार्यरत दूसान कंपनी पर सात करोड़ 17 लाख 13 हजार 80 रुपये राजस्व बकाया है। इस धनराशि की वसूली के लिए राबर्ट्सगंज तहसील प्रशासन ने कंपनी को कई बार नोटिस जारी किया था लेकिन कंपनी ने राजस्व जमा नहीं किया। इस पर मंगलवार को नायब तहसीलदार कैलाश यादव क्षेत्रीय अमीन और ओबरा थाना पुलिस के साथ सुबह करीब साढ़े दस बजे दूसान कंपनी के कार्यालय पर पहुंचे।


वहां नायब तहसीलदार ने परियोजना निर्माण के लिए समतलीकरण में इस्तेमाल की गई मिट्टी की रायल्टी के रूप में बकाया सात करोड़ 17 लाख 13 हजार 80 रुपये जमा कराने पर चर्चा किया। इसके बाद कंपनी दूसान के कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार कैलाश यादव ने सभी कर्मचारियों को बाहर निकलने का निर्देश दिया। कर्मचारियों को बाहर निकलने के बाद वह कार्यालय सील करने लगे। इस पर राजस्व टीम और दूसान कंपनी के कर्मचारियों में विवाद होने लगा।
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इस बीच एकजुट हुए कर्मचारियों ने राजस्व टीम को घेर लिया और कार्यालय सील नहीं करने दिया। करीब साढ़े 11 बजे तक कर्मचारियों ने राजस्व टीम को घेरे रखा। सूचना पाकर ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इं. एके सिंह, दूसान पावर के यूनिट हेड बोनकिम, प्रभारी निरीक्षक ओबरा अभय कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर मामले को शांत कराया। मौके पर ओबरा सी परियोजना के महाप्रबंधक इं. कैलाश सिंह ने बताया कि मंगलवार की सुबह करीब दस बजे नायब तहसीलदार मुकेश यादव 1320 मेगावाट ओबरा सी परियोजना की कार्यदायी संस्था मेसर्स दूसान पावर सिस्टम इंडिया के कार्यालय पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे।


चूंकि परियोजना के विरूद्ध मिट्टी के उपयोग की रायल्टी रुपया 11952080 तथा रायल्टी धनराशि का पांच गुना रुपये 59760900 पेनाल्टी लेकर कुल 71713080 वसली के लिए आरसी काटी गई थी। इसी की वसूली के लिए नायब साहब आए थे। बताया कि उक्त रायल्टी के विरूद्ध मामला कमिश्नर कोर्ट में विचाराधीन है। फर्म का कहना है कि परियोजना में मिट्टी उपयोग पर रायल्टी नहीं लगनी चाहिए। नायब तहसीलदार के संज्ञान में इन तथ्यों को लाया गया तथा कमिश्नर कोर्ट का निर्णय आने तक वसूली स्थगित रखने का अनुरोध किया गया है। इसके बाद राजस्व टीम वहां से बगैर कोई कार्रवाई किये लौट गई। इस मौके पर इं. यूसी मिश्रा, इं. राजीव कुमार सहित दूसान कंपनी के कई अधिकारी मौजूद रहे।

कंपनी को एक माह का दिया समय
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज तहसील के एसडीएम शादाब असलम ने बताया कि दूसान कंपनी पर सात करोड़ 17 लाख 13 हजार 80 रुपये राजस्व बकाया है। वहां नायब तहसीलदार के अगुवाई में टीम कार्रवाई के लिए गई थी। इस दौरान कंपनी के कर्मचारियों और राजस्व कर्मियों के बीच गलतफमी हो गई। राजस्व टीम को बंधक नहीं बनाया गया था। कंपनी ने जुर्माना को लेकर कमिश्नरी में रिवीजन दाखिल किया है। कंपनी को एक माह का समय दिया गया है। यदि इस बीच उनके पक्ष में कोई फैसला नहीं आता है तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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