सोनभद्र। देवरिया में बाल संरक्षण गृह में हुई घटना के बाद मंगलवार को डीएम, सीडीओ ने सर्वोदय ग्राम्य विकास परिषद द्वारा संचालित स्वधार गृह बभनौली, सर्वोदय शिशु गृह राबर्ट्सगंज, केशव बाल कल्याण केन्द्र, पूर्ववासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति द्वारा संचालित बाल गृह (बालिका) पुसौली, स्व. पंडित गिरिजा प्रसाद सामाजिक एवं शिक्षा संस्थान बाल गृह (बालक) उरमौरा का निरीक्षण किया। वहीं सोमवार की रात निरीक्षण के दौरान सदर एसडीएम, सीओ को स्वधार गृह सर्वोदय ग्राम्य विकास से कौशिल्या देवी प्रथम और कौशिल्या द्वितीय नदारद मिली। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए एसडीएम ने संचालिका को तंत्काल महिलाओं को बुलाने का निर्देश दिया।
डीएम अमित कुमार सिंह, सीडीओ सुनील कुमार सिंह ने बालक, बालिक, महिलाओं, नवजात शिशु की सुरक्षा व्यवस्था/चहारदिवारी देखी। डीएम ने बालक, बालिकाओं, महिलाओं से बारी-बारी से सुधार गृह परिसर में रहने का कारण और मिल रही व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। बालिका गृह के 11 बालिकाओं को सिलाई, ब्यूटीशियन कोर्स का प्रशिक्षण उनके आवास पर ही कराने के निर्देश संबंधितों को दिए। सभी बालिकाओं को दो-दो सेट कपड़े उपलब्ध कराने की बात कहीं। सीडीओ नेबच्चों को कपड़े देने की बात कहीं। निरीक्षण जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम सिंह, ओएसडीडीएम अमर पाल गिरि आदि मौजूद रहे। उधर सोमवार की रात करीब दस बजे डीएम के निर्देश पर सदर एसडीएम शादाब असलम, सीओ विवेकानंद तिवारी, महिला थानाध्यक्ष ने बालिका गृह, स्वधार गृह सर्वोदय का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि स्वधार गृह में 13 महिलाएं रह रही है, लेकिन मौके पर कौशिल्या प्रथम और द्वितीय नहीं मिली। पूछने पर अधीक्षिका संध्या मौर्य और कोआडिनेटर सुनीता देवी ने बताया एक महिला मैहर देवी का दर्शन और दूसरी महिला अपने घर खेती कराने गई है।महिलाओं के न मिलने की रिपोर्ट डीएम को दे दी गई है। उधर सीओ ने बताया मंगलवार को मैहर से कौशिल्या के लौट आने की जानकारी मिली है। अधीक्षिका को दूसरी कौशिल्या को बुलाने के लिए निर्देशित किया गया है।