सोनभद्र। बलुई बंधी टूटने से कई गांवों में घुसा पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसी के साथ प्रभावित लोग घर लौट आए है। प्रशासन की तरफ से 565 लोगों को बाढ़ प्रभावित रूप में चिन्हित किया गया है। तहसीलदार नंदलाल सिंह की अगुवाई में उन्हें राहत सामग्री भी बांटी जा रही है। वहीं तीसरे दिन शनिवार को भी बलुई बंधी के मरम्मत का कार्य जारी रहा।
दो दिन पूर्व चोपन थाना क्षेत्र के महुआव गांव के समीप बारिश के पानी से बलुई बंधी टूट गई थी। बंधी का पानी कई गांवों में घुसने से कई मकान धराशायी हो गए है। डीएम के निर्देश पर सदर एसडीएम की अगुवाई में राजस्व कर्मियों ने अब तक बाढ़ से करीब 565 लोगों को चिन्हित किया है। शनिवार की सुबह से राजस्व टीमें अलग-अलग प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित करने में जुटी रही। एसडीएम शादाब असलम ने बताया कि केवटा गांव के बाढ़ से प्रभावित 57, पइका में 130, गंगटी में 75, महुआव मेें 12, महुआव कला में 127, अदलगंज में 10, सलखन में 70, कम्हरिया में 68, बेलकप में 25, पथरहा में 43 और रजधन में 50 लोगों को चिन्हित किया गया है। तहसीलदार की अगुवाई में प्रभावितों को राहत सामग्री दी जा रही है। प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को पांच किग्रा लाई, दस किग्रा आलू, छांव के लिए प्लास्टिक, दस किग्रा आटा, दस किग्रा चावल, दो किग्रा अरहर की दाल, पांच सौ ग्राम नमक, ढाई सौ ग्राम मिर्च, हल्दी, धनिया, एक पैकेट मोमबत्ती, एक पैकेट माचिस, दस पैकेट बिस्किट और एक लीटर सरफाइंड तेल दिया जा रहा है। उधर डीएम अमित कुमार सिंह, एसपी आरपी सिंह, एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने कई बार बंधी के हो रहे कार्यों को जाकर देखा। समाचार लिखे जाने तक बंधी के मरम्मत का कार्य जारी रहा। डीएम अमित कुमार सिंह ने कहा कि बंधी से आसपास के गांवों को कोई खतरा नहीं है। प्रभावितों की हर संभव मदद की जाएगी।
किसान संघ ने की जांच कर कार्रवाई की मांग
सोनभद्र। भारतीय किसान संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रांतीय अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय और जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह की अगुवाई में शनिवार को बलुई बंधी पर पहुंच और यहां हुए नुकसान की जानकारी लेने के साथ ही बंधी की हालत देखी। बंधी टूटने के लि संबंधित जेई को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। बताया कि केवटा, कम्हरिया, पथरहा, पइका, गंगटी, लालगंज, अदलगंज आदि गांवों के सैकड़ों किसान इससे प्रभावित हुए है। कई लोगों की पूरी गृहस्थी ही बर्बाद हो गई। मामले की जांच कर कार्रवाई करने और पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिए जाने की मांग की। इस मौके पर सदानंद मौर्य, रंगनाथ, उमेशचंद्र पांडेय, सत्या तिवारी, विनय मिश्रा, लालजी पाठक आदि मौजूद रहे।