सिंगरौली(सोनभद्र)। जिले में स्थापित रिलायंस ग्रुप को सासन पावर प्रोजेक्ट दस गांवों में बुनियादी सुविधाएं बहाल करेगा। विकास के लिए सीएसआर मद का उपयोग होगा। डीएम ने शनिवार को इस निमित्त दायित्व प्रोजेक्ट के सीईओ एके सिंह को सौंपते हुए कहा कि जल्द प्रगति दिखनी चाहिए। नीति आयोग द्वारा देश के अति तीन पिछड़े जिलों में सिंगरौली को शामिल किए जाने के बाद प्रशासन स्तर से दाग धोने की कवायद तेज है। कलंक मिटाने के लिए जिले में स्थापित सार्वजनिक व निजी उपक्रमों का सहारा लिया जा रहा है। शनिवार दोपहर बाद डीएम अनुराग चौधरी सासन इलाके के चांचर मझौली सूर्य विहार कालोनी सहित कई क्षेत्रों का जायजा लिया और जरूरत के मुताबिक
विकास कार्य कराने के लिए मातहतों के साथ निजी उपक्रमों के प्रबंधन को जिम्मेदारी सौंपा। मझौली गांव में स्थापित आगनबाड़ी केंद्र पहुंचे डीएम को शिकायत मिली कि पोषाहार वितरण में गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की जानकारी लिया और पंजीकृत महिलाओं से घर जाकर मिले। महिलाओं से स्वास्थ्यए मिलने वाली दवाओं व पोषक आहार के बारे में जानकारी लिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर लापरवाही साबित होने पर उसे पद से हटा दिया गया। इसी तरह आशा कार्यकर्ता की शिकायत पर ब्लाक मेडिकल अफसर ;बीएमओ को फटकार लगाया और कहा कि व्यवस्था सुधारें नहीं तो कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहे। इस मौके पर मौजूद सासन पावर के सीईओ एके सिंह ने आश्वस्त किया जिन दस गांवों के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई। उसे बखूबी निभाने का प्रयास होगा। डीएम का कहना था कि शिक्षा चिकित्सा पेयजल पोषक आहार वितरण के साथ कुपोषण को मिटाने का काम होना चाहिए।