सोनभद्र। गर्मी की शुरुआत से ही पानी का संकट गहरा गया है। शनिवार को जिलाधिकारी पीके उपाध्याय ने सदर ब्लॉक के तीन गांवों का निरीक्षण किया और कुओं की स्थितियों को देखा। बीडीओ एवं एडीओ पंचायत को अभियान चलाकर कुओं की मरम्मत 15 दिन में कराने का निर्देश दिया। साथ ही सभी ग्राम पंचायतों में सचिवों और सफाई कर्मियों से कुओं का सर्वे कराने का निर्देश दिया। उधर, सभी बीडीओ और एडीओ पंचायतों ने सचिवों व सफाई कर्मियों की बैठक ब्लॉकों में ली। उनसे कुओं की सूची तलब किया है। कुओं की मरम्मत 14वें वित्त एवं राज्य वित्त की धनराशि से कराई जानी है।
सदर ब्लॉक के मुठेर, बहुआर, बसौली ग्राम पंचायतों में कुओं के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई ऐसे कुएं हैं, जिनमें पानी है और यदि उनकी सफाई करा दी जाए तो उसका लाभ ग्रामीणों को मिलेगा। डीएम ने बीडीओ और एडीओ पंचायत को कुओं की मरम्मत का निर्देश दिया। डीपीआरओ को निर्देश दिया कि जिन कुओं में पानी मिलने की संभावना है, उनकी सफाई एवं मरम्मत कराई जाए। गांवों के तालाबों को मनरेगा से भी गहरा करवाया जाए। डीपीआरओ को पेयजल के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। कहा कि गर्मी में लोगों को पानी का संकट न हो इसका पूरा ख्याल रखा जाए। जहां टैंकरों की जरूरत पड़े, लगाकर पानी की आपूर्ति कराई जाए। डीएम ने जल निगम को भी ग्राम पंचायतों में पानी उलपब्ध कराने का निर्देश दिया। उधर, डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायतों में पूर्व से 231 पानी टैंकर हैं, जो पेयजल की समस्या उत्पन्न होने पर गांवों में पानी उपलब्ध कराते हैं। अन्य टैंकर राज्य वित्त तथा 14वां वित्त से खरीदने के निर्देश दिये गए हैं। इसके तहत फिलहाल 150 टैंकर खरीदा जा रहा है। अब ग्राम पंचायतों में चार सौ से अधिक टैंकर हो जाएंगे।