कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को डीएम पीके उपाध्याय ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सात फरवरी को ओबरा में 151 जोड़ों की सरकारी खर्चे पर होने वाली शादी की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निकाय क्षेत्रों के लिए अधिशासी अधिकारी नगर निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बीडीओ को स्थानीय स्तर पर कमेटी बनाते हुए शादी अनुदान भुगतान के लिए खाता खुलवाकर ई-फार्म भरवाने के साथ ही पात्रता की जांच कराने का निर्देश दिया।
डीएम ने बताया कि इस योजना के तहत सरकार प्रति लाभार्थी 35 हजार रुपये खर्च करेगी, जिसके तहत 10 हजार रुपये सामान, 20 हजार रुपये शादी अनुदान और पांच हजार रुपये शादी समारोह के खान-पान पर की जाएगी। साथ ही कहा कि जिला समाज कल्याण अधिकारी जिले के समाज सेवियों से संपर्क कर सात फरवरी को 151 जोड़ों की होने वाली शादी की तैयारियां पूरी कर लें। यह भी बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी के लिए सामूहिक विवाह के लिए मुख्य मंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रारंभ किया गया है। इस योजना के अंतर्गत कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी होना चाहिए। अनुसूचित जाति, अनसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस अतुल वत्स, अंकुर लाठर, सीडीओ रामाश्रय, एएसपी डॉ. अवधेश सिंह, एडीएम केबी सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी केएल गुप्ता आदि मौजूद रहे।