सोनभद्र। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन द्वितीया तिथि शुक्रवार को जिले भर में मां के ब्रम्हचारिणी स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। या देवी सर्वभूतेषु सृष्टि रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: मंत्रोच्चार एवं जय माता दी के जयकारे से समूचे देवी मंदिर गुंजायमान रहे। नवरात्र की दूसरी आराध्य देवी माता ब्रम्हचारिणी हैं। इन्हें साधना की देवी कहा जाता है, क्योंकि ब्रम्हा जी के कमंडल से इनकी उत्पत्ति हुई है। ब्रम्हा जी की शक्ति होने से इन्हें ब्रम्हचारिणी नाम से जाना जाता है। ब्रम्हचारिणी माता को सफेद रंग सबसे प्रिय है।
राबर्ट्सगंज नगर के मेन चौक स्थित शीतला माता मंदिर, दंडइत बाबा मंदिर परिसर स्थित मां काली मंदिर, ब्रम्हबाबा की गली स्थित संतोषी माता मंदिर, ब्रम्हनगर स्थित दुर्गा मंदिर, अंबेडकर नगर स्ति कड़े शीतला माता मंदिर, सातो माता मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का पूजन-अर्चन के लिए तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, फूल-माला, फल आदि का प्रसाद चढ़ाकर पूजन किया। रेणुकूट: पिपरी रिहंद बांध के समीप वन देवी मंदिर पर पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। चोपन:: काली मंदिर, शक्तिपरांबा पीठ मंदिर, दुर्गा मंदिर के साथ ही कुड़ारी देवी धाम में पूजन-अर्चन किया गया। दुद्धी:: कस्बा स्थित मां काली मंदिर पर सुबह से ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बभनी: बाजार समेत चपकी, फरसाटोला, घघरी, चौना आदि गांवों में देवी मंदिरों एवं दुर्गा पूजा पांडालों में पूजा-अर्चना की गई। घोरावल/शिवद्वार: शिवद्वार स्थित उमामहेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं ने माता पार्वती एवं भगवान शिवशंकर का दर्शन पूजन किया। घोरावल नगर में दुर्गा मंदिर, कडिय़ा स्थित कौलेश्वरी मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना किया। डाला:: वैष्णो देवी मंदिर पर पूजन-अर्चन करने वालों का तांता लगा रहा। रामगढ़: कस्बा स्थित काली मंदिर पर पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। इसी प्रकार से नवरात्र के दूसरे दिन जिले भर में देवी मंदिरों में पूजन-अर्चन किया गया।