राज्य सरकार के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिड डे मिल योजना के अंतर्गत दूध पिलाने की योजना बुधवार से शुरू हो गई। पहले दिन जिले के 1315 विद्यालयों में बच्चों को दूध पिलाया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यालयों का निरीक्षण कर योजना का जायजा भी लिया। बीएसए नंदलाल सिंह के निरीक्षण में चार शिक्षक अनुपस्थित मिले। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सरकार ने बच्चों को मिड डे मिल के मीनू में संशोधन कर सप्ताह में एक दिन बुधवार को दो सौ एमएल दूध देने का निर्देश दिया है। इसके तहत परिषदीय विद्यालयों में दूध दिया गया। प्राथमिक विद्यालय बरकरा, जैत और जमगाईं में ग्राम प्रधान कविता देवी ने बच्चों को दूध पिलाकर योजना का शुभारंभ किया। बढ़ौली और पुसौली में ग्राम प्रधान संजय जायसवाल, प्राथमिक विद्यालय छपका में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह, प्रधान अनवर अली, प्रधानाध्यापिका निशात परवीन, फरजाना आदि ने बच्चों को दूध दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी नंदलाल सिंह ने बताया कि घोरावल के 408 विद्यालयों में से 326, चतरा में 153 में 109, नगवां में 176 में 106, चोपन में 494 में 119, म्योरपुर में 388 में 152, दुद्धी में 278 में 187, बभनी 156 में 16 और राबर्ट्र्सगंज ब्लाक के 408 विद्यालयों में से 300 विद्यालयों में बच्चों को दूध पिलाया गया। बीएसए ने बताया कि उन्होंने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बाराडाड़, भुसौलिया दूध पिलाया।