सोनभद्र। काश्त, सरकारी और जंगल की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट न देने वाले लेखपालों पर कार्रवाई की तलवार लटकनी शुरू हो गई है। तीनों तहसील के एसडीएम से अतिक्रमणकारियों की सूची उपलब्ध न कराने वाले लेखपालों की रिपोर्ट डीएम ने तलब की है। अतिक्रमण हटाने के प्रति रुचि न दिखाने वाले लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
शासन से जिला प्रशासन को सख्त निर्देश हैं कि सरकारी और काश्त की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई जाए। बावजूद इसके अभी तक राबर्ट्सगंज से सटे बढ़ौली, सजौर, ममुआ, बिच्छी, बरैला, जुगैल, कनहरा, खरहरा, बेलगड़ी, चौरा, बिजौरा, अगोरी, गोठानी, भितरी, जुगैल, लोढ़ी, रौप समेत स्थानों पर अवैध कब्जा नहीं हट सका है। सभी लेखपालों को सप्ताह भर के भीतर अवैध कब्जा करने वालों को चिह्नित कर भूमि खाली कराने को कहा गया था। लापरवाह दर्जनों लेखपालों ने अवैध कब्जा करने वालों की सूची तैयार कर उच्चाधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराई है। डीएम प्रमोद उपाध्याय ने कहा कि सभी एसडीएम से सूची उपलब्ध न कराने वाले लेखपालों की सूची तलब की गई है।