सोनभद्र। लगातार बारिश के चलते गया रतवल सहित कई क्रय केंद्रों के गोदामों में पानी घुस गया है। इससे टनों गेहूं के बर्बाद होने का खतरा मंडराने लगा है। लगातार सिढन के चलते अभी से काफी मात्रा में गेहूं बर्बाद हो चुके होने की भी आशंका जताई जाने लगी है। बावजूद अभी तक बचाव का कोई उपाय नहीं किया जा रहा है।
शासन स्तर से वर्ष 2018-19 मेें 44500 मीट्रिक टन गेहूं क्रय करने का लक्ष्य मिला था। राबट्र्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील मेें 68 क्रय केंद्रों पर एक अप्रैल से 15 जून तक लक्ष्य के सापेक्ष 53886 एमटी गेहूं की खरीद हुई है। अत्याधिक गेहूं का क्रय होने के कारण केंद्रों के अंदर जगह न होने के कारण गेहूं को खुले आसमान के नीचे रखा गया था। हालांकि बरसात शुरू होने से पहले संबंधित अधिकारियों ने केंद्रों के बाहर पड़े गेहूं को राबबट्र्सगंज, उरमौरा और तेंदू में स्थित गोदामों में रखवा दिया है। लेकिन कई क्रय केंद्रों के अंदर रखे गेहूं के बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। क्योंकि पिछले कई दिनों से हो रही बारिश से शहर से लेकय गांवों तक पानी ही पानी नजर आ रहा है। राबट्र्सगंज ब्लॉक के ममुआ गांव में स्थित गया रतवल किसान सेवा समित पर क्रय केेंद्र पर रखे गेहूं के चारों तरफ पानी जमा हो गया है। पानी की नमी से नीचले हिस्से में रखे गेहूं के खराब होने का खतरा मंडराने लगा है। यही हाल कई क्रय केंद्रों का है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि ममुआ में नाला के चोक होने से केंद्र के आसपास पानी जमा हो गया है। अभी तक केंद्र में पानी घुस नहीं सका है। कहा कि किसी केंद्र प्रभारी ने बारिश से गेहूं खराब होने की सूचना नहीं दी है।