दुद्धी। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत खजुरी में स्टार्टअप ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 18 कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन एवं एंटर प्रिन्योर प्रमोटर के छह दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण का बुधवार की शाम समापन हो गया।
बीडीओ प्रवीणानंद ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को कार्ययोजना बनाकर बेहतर लाभ पहुँचाया जा सकता है। लाभ के तरीकों के बारे में जानकारी भी दी। समूह एवं ग्राम संगठन के सदस्यों के बीच किस प्रकार से आंतरिक लेन-देन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है? समूह की महिला किस प्रकार से आपसी तालमेल से एक दूसरे को ऋण देने में मददगार साबित होती है? किस तरह आजीविका संवर्धन संबंधी क्रियाकलापों को करने के लिये प्रेरित करती हैं? जैसी जानकारियों पर प्रकाश डाला। जय कुमार जोशी ने बताया कि कार्यक्रम का पूरा लाभ मिले, इसके लिए नारीशक्ति प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित कर स्वरोजगार से जोड़कर उद्यमी के रूप में विकसित करना है। एक प्रतिशत मासिक व्याज दर से समूह से ऋण दिलवाना , किश्त के अनुसार ऋण वापसी सुनिश्चित करवाना आदि विषयों पर मजबूती से कार्य करना कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन एवं एंटर प्रिन्योर प्रमोटर का दायित्व है।
इस मौके पर परियोजना प्रबंधक प्रत्यूष त्रिपाठी, आकाश कुमार आदि मौजूद रहे।