जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष भागीरथी मौर्य की अगुवाई में बुधवार को टिपर मालिकों का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला। ज्ञापन सौंपकर ट्रकों की तरह टिपर मालिकों को भी खनिज परिवहन परमिट देने की मांग की। डीएम को बताया कि वह लोग बालू गिट्टी कारोबारियों के पास जाते हैं तो दुकानदार उन्हें लौटा देते हैं। उनका तर्क होता है कि टिपर को परमिट देने का कोई आदेश नहीं है। जबकि टिपर का परिवहन विभाग से भार वाहन के रूप में रजिस्ट्रेशन किया जाता है। रोड टैक्स आदि भी समय से देते हैं। ऐसी दशा में परमिट जारी न किया जाना घोर अन्याय है। इस दौरान डीएम ने मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।