सोनभद्र। अब कृषि विभाग मनमाने ढंग से खाद बीज विक्रय करने का लाइसेंस जारी नहीं कर सकेगा। शासन ने डिग्रीधारकों को ही खाद, बीज, कीटनाशक दवाओं की दुकान संचालित करने के लिए लाइसेंस जारी करने का निर्देश दिया है। पूर्व में जिनको लाइसेंस जारी किया गया है उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए विभाग ने रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पांच जनवरी 2018 तक राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में खाद, बीज और उर्वरक की करीब चार सौ दुकानें संचालित हो रही है। लेकिन अधिकांश दुकानदारों को कितने खेतों में कितना बीज, उर्वरक, कीटनाशक की दवाएं डाली जाए, इसके बारे में पता नहीं है। जबकि दुकानदारों को जानकारी होनी चाहिए। खाद, बीज की दुकानें संचालित करने के लिए कई अशिक्षित लोगों को लाइसेंस जारी किया गया है। हालांकि इस पर रोक लगाने के लिए योगी सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने बताया कि अब बीएससी कृषि, बायोटेक्नालॉजी, स्नातक में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान की पढ़ाई करने वालों को ही खाद, बीज और कीटनाशक दवा की दुकानें संचालित करने के लिए लाइसेंस निर्गत किया जाएगा। अभी तक दुकान संचालित करने के लिए डिग्री की आवश्यकता अनिवार्य नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग चार सौ लोगों को दुकानें संचालित करने के लिए लाइसेंस दिया गया है। लाइसेंस धारकों को भी कितने खेतों में कितना बीज, दवा, उर्वरक प्रयोग करें इस बारे में प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है।