सोनभद्र। स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा बागियों से चिंतित है। टिकट से वंचित पार्टी कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय के रूप में नामांकन कर पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी हैं। राबर्ट्सगंज नगर पालिका में बागियों के मैदान में आने से चुनाव रोचक हो गया है।
नगर निकाय अब अपने पूरे शबाब पर आ गया है। चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशी खुलकर मैदान में आ गए हैं। सभी अपने तरीके से वोटरों को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं। जिले की एकमात्र नगर पालिका राबर्ट्सगंज और सात नगर पंचायतों घोरावल, चुर्क-गुर्मा, चोपन, ओबरा, रेणुकूट, पिपरी और दुद्धी में चुनाव प्रचार चरम पर है। लेकिन सर्वाधिक रोचक लड़ाई राबर्ट्सगंज नगर पालिका में होने की चर्चा है। वजह कि यहां बागियों ने पूरे समीकरण को ही बदल दिया है। भाजपा से वीरेंद्र जायसवाल को टिकट मिला हैै। इसी दल से विमलेश सिंह पटेल टिकट के दावेदार थे, लेकिन अंतिम में उनका टिकट कटने पर उन्होंने बागी रुख अख्तियार कर लिया और अब बसपा से चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की ही महिला मोर्चा की नेता सुमन केशरी ने भी टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दल चुनाव लड़ने का फैसला किया। राबर्ट्सगंज नगर पालिका में चेयरमैन पद के लिए वे एकमात्र महिला प्रत्याशी हैं। उधर सपा से हिदायत उल्ला खां चेयरमैैन के प्रत्याशी हैं। इस दल से जगदंबा प्रसाद टिकट के दावेदार थे, लेकिन टिकट न मिलने के बाद वे निर्दल प्रत्याशी हैं। हालांकि सपा के प्रदेश प्रवक्ता अविनाश कुशवाहा का कहना है कि सपा से जगदंबा ने टिकट नहीं मांगा था। जिन कार्यकर्ताओं ने टिकट मांगा था वे पार्टी के प्रत्याशी के साथ खुलकर प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं। कांग्रेस से जगदीश मिश्रा चुनाव मैदान में हैं। निर्दल चुनाव कई अन्य लोग लड़ रहे हैं जो इस बार चुनावी अंकगणित बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।