ओबरा। स्थानीय तापीय परियोजना के अ ताप विद्युत गृह के बंद होने के कारण पिछले 20 से 25 वर्षाें से कार्यरत संविदा एवं दैनिक भोगी श्रमिकों में असंतोष है। इस मामले को लेकर यूपी बिजली कर्मचारी संघ, हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन एवं विद्युत संविदा मजदूर यूनियन ने संयुक्त सभा मंगलवार की देर शाम संघ के स्थानीय कार्यालय में की। इसमें निर्णय लिया गया कि 50 एवं 100 मेगावाट की इकाइयों की बंदी के कारण कोई श्रमिक बेरोजगार न होने पाए। साथ ही साथ संविदा श्रमिकों के संबंध में आठ जून 2017 को हुए समझौते का तत्काल पालन कराया जाए।
सभा में बिजली कर्मचारी संघ के अजय कुमार सिंह ने कहा कि अधिक पैसे पर ठेका देकर भी कई ठेकेदार मजदूरों की छटनी किए हुए हैं। यह सरकार के नीतियों के साथ धोखा है। बैठक में तय किया गया कि समय पर विभिन्न देयों का भुगतान एवं छटनीशुदा श्रमिकों की वापसी की जाए। अन्यथा आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सभा को हरदेव नारायण तिवारी, आरके शुक्ला ने भी संबोधित किया। सभा में संजय शर्मा, अंजार खां, चंद्रकांत, अजीत, प्रभात कुमार, लालता तिवारी, रामानंद, आनंद कुमार मौजूद रहे। अध्यक्षता पशुपतिनाथ विश्वकर्मा ने किया।