सोनभद्र। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन की तरफ से नहरों में पानी छोड़ा गया है। धंधरौल और नगवां बांध से कुल 1200 क्यूसेक पानी नहरों में छोड़ा जा रहा है। दोनों बांध से निकली नहरों को 25 मई तक पानी छोड़ा जाएगा। इससे न सिर्फ गर्मी से बेहाल पशु-पक्षियों को राहत मिलेगी, बल्कि जलस्तर ऊपर आने से लोगों को भी राहत होरी। सब्जी की खेती के लिए भी फायदा होगा।
तपिश बढ़ने से जिले के नदी, नाले, तालाब में अप्रैल माह में सूख गए थे। सिर्फ उन्हीं तालाबों में पानी था, जिन्हें भरने के लिए पास में अन्य जल स्रोत थे। इसको देखते हुए किसानाें के साथ ही आम जनमानस की तरफ से जिला प्रशासन से धंधरौल और नगवां बांध पर आधारित नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की जा रही थी। जिला प्रशासन ने दोनों बांध से नहरों में पानी छोड़वाया है। धंधरौल बांध से 14 मई की शाम को पानी छोड़ा गया। बांध से करीब 900 क्यूसेक पानी घाघर मुख्य नहर एवं शाहगंज रजवाहा में छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही बिजली की उपलब्धता पर सोन पंप भी चलाया जा रहा है। वहीं नगवां बांध से कूड़ा राहवाहा में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इस तरह से दोनों बांधों से नहरों में कुल 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नहरों का संचालन 25 मई तक किया जाएगा।
एसडीओ-एमसीडी अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि भीषण गर्मी के मद्देनजर धंधरौल बांध से 900 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। बांध पर आधारित नहरों का संचालन 25 मई तक किया जाना है। एसडीओ-सिंचाई निर्माण खंड नगवां राजीव सिंह ने बताया कि नगवां बांध से कूड़ा राजवाहा में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नहर में पानी छोड़े जाने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। 10 दिन तक नहर का संचालन किया जाएगा।