शासन के मंशानुसार स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लोगों को न दिलाने वाले आशा कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाह 117 आशा कार्यकर्ताओं को बर्खास्त कर दिया है। इनके स्थान पर दूसरे कार्यकर्ताओं के चयन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।गौरतलब हो कि सूबे के एक छोर पर बसे नक्सल प्रभावित सोनभद्र जिले में मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जन-जन को दिलाने के लिए लगभग 1527 आशा कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई है।
लेकिन नक्सल और दुरूह क्षेत्रों में तैनात पौने दो सौ से अधिक आशा कार्यकर्ता बगैर काम किए मानदेय ले रही हैं। पिछले कुछ माह पूर्व कई लोगों ने काम न करने वाले आशाओं की शिकायत डीएम से की थी। डीएम ने गोपनीय तरीके से जांच कराई तो शिकायत सही निकली। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम सीबी सिंह ने सीएमओ को कार्य न करने वाली आशाओं की सेवा समाप्त कर नियमानुसार दूसरे लोगों की नियुक्ति कराने का निर्देश दिया था। इस संबंध डिप्टी सीएमओ, प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, म्योरपुर, बभनी, दुद्धी, चोपन और नगवां ब्लॉक की 117 कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त कर उनके स्थान पर दूसरे लोगों के तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई हैै। बताया कि अभी करीब 81 और कार्यकर्ताओं को बर्खास्त किया जाएगा। इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई हैै। कहा कि लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।