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वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाइवे की हालत बद से बदतर

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अनपरा। वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाइवे की हालत बद से बदतर होती जा रही है जिससे डिबुलगंज से शक्तिनगर के बीच दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। सड़कों के किनारे पटरियों पर बढ़ता अतिक्रमण दुर्घटना का कारण बन रहा है।
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किलर रोड के नाम से कुख्यात वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर दुर्घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों की पटरियों पर आए दिन हो रहा अतिक्रमण जहां दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है वहीं प्रशासनिक उदासीनता से लोगों में रोष व्याप्त है। इन मार्गों पर कोल परिवहन करने वाले ट्रेलर व हाइवा की बेलगाम गति लोगों का जीवन छीन रही है। कुछ ऐसा ही शनिवार को देखने को मिला जब काशी मोड़ पर बोलेरो जीप ने स्कूटी सवार को टक्कर मार दी थी, जिसमें घायल राजेंद्र सिंह जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं। बीते आठ अक्तूबर को अनपरा सीआईएसएफ कालोनी से केंद्रीय विद्यालय शक्तिनगर बच्चों को छोड़ने जा रही बस का कोयला लदे ट्रेलर से टक्कर हो गई थी जिसमें 25 बच्चे घायल हो गये थे। 27 दिसंबर को रीवा रांची मुख्य मार्ग स्थित औड़ी मोड़ के समीप एक हाइवा व स्कार्पियो के टक्कर में स्कार्पियो का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। बाइक से अपने घर जा रहे डीएवी ककरी के शिक्षक अंशुमान सिंह को ट्रेलर ने धक्का मार दिया जिससे उनकी घटना स्थल पर ही मौत हो गइ थी। ऐसी कई दुर्घटनाएं हैं जिसमें लोग असमय काल के गाल में समा चुके हैं। आलम यह है कि अतिक्रमणकारियों द्वारा पटरियों पर कहीं बालू व गिट्टी का ढेर लगाया गया है तो कहीं गैरेज संचालित किया जा रहा है। रही सही कसर पटरियों पर खड़े होने वाले वाहन पूरा कर दे रहे हैं। कहने को तो स्टेट हाइवे है पर सुविधायें ग्रामीण सड़कों से भी बदतर हैं। सड़क के किनारे डिबुलगंज से शक्तिनगर तक संचालित सैकड़ों बालू, गिट्टी, चाय, पान, वाहनों के गैराज आदि की दुकानों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। बडे़ वाहन सड़क पर बेलगाम दौड़ रहे हैं। छोटे वाहन सड़कों पर चल रहे हैं तो दुर्घटना का शिकार हो जा रहे हैं। लोगों ने जिलाधिकारी से पटरियों को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की है।
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