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विस्थापितों को कार्य से निकाले जाने का मामला पकड़ रहा तूल

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अनपरा। एनसीएल ककरी परियोजना के सीएचपी में संविदा के तहत कार्यरत ककरी, रेहटा, रणहोर आदि के विस्थापित संविदा कर्मचारियों को काम से निकालने का मामला तूल पकड़ रहा है। ग्राम प्रधान, श्रमिकों और सपा कार्यकर्ताओं ने ककरी परियोजना के जीएम को पत्र लिखकर उन्हें काम पर वापस रखने की मांग की है। एनसीएल ककरी परियोजना के सीएचपी में साफ-सफाई सहित अन्य कार्यों के लिए ककरी के दर्जनों महिला पुरुष विस्थापित श्रमिक जो 15 साल से कार्य कर रहे थे। उन्हें नये संविदाकार ने एक सप्ताह पूर्व निकाल दिया है, जिससे लोगों में रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि विस्थापितों को ऐसे ही रोजगार से वंचित रखा जा रहा है जो लोग किसी प्रकार से काम कर रहे है उनका संविदाकार उत्पीडन कर रहे है। श्रमिकों को कार्य से निकाल दिये जाने से उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। जिसको लेकर स्थानीय लोग लामबंद होने लगे है। ककरी की ग्राम प्रधान पार्वती देवी व रेहटा की ग्राम प्रधान लालमति पासवान सहित सपा नेता रवि कुमार बड़कू ने भी ककरी जीएम को पत्र लिखकर श्रमिकों को पुन: काम पर रखने की मांग की है। जिन श्रमिकों को काम से हटाया गया है उनमें सुलोएनी देवी, विमला गुप्ता, रीता देवी, चुनकुमारी यादव, कौशल्या यादव, गुलाबी देवी, सुबोध प्रसाद, गोपाल यादव, अमर नाथ खरवार, प्रेम कुमार खरवार, विद्या सागर खरवार, रामचन्दर खरवार, धरमू सिंह खरवार, रामचन्दर गोड़, राम अधार गोड़, लक्षमण प्रसाद पनिका, भगवान दास गोड़, राजेन्द्र प्रसाद, संतोष कुमार, करन कुमार, दयानन्द यादव, जोगेंद्र गुप्ता आदि शामिल हैं।
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