भारतीय किसान संघ की आपात बैठक बुधवार को मधुपुर स्थित कैंप कार्यालय पर हुई। यह मांग उठाई गई कि सोनपंप कैनाल का पानी पहले धंधरौल बांध में जिला प्रशासन भरवाए। इस मुद्दे पर कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव में जन जागरण करके आरपार की लड़ाई का एलान किया।
भाकिसं के काशी प्रांत अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन किसी भी सूरत में बिना सोनपंप कैनाल के पानी को धंधरौल बांध में भरे पेयजल की परियोजना को संचालित न करे, अन्यथा किसान आर-पार लड़ाई के लिए तैयार हैं। जिलाध्यक्ष रामजी सिंह मौर्य ने कहा कि सोनभद्र के किसान पहले से ही पीड़ित हैं। बार-बार सूखे की मार झेलते हुए गरीबी की मार से भी टूट चुके हैं। ऐसे में किसानों को यह संकल्प लेना होगा कि वे आज से ही गांव-गांव जाकर जन जागरण करके अपने जीविका की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार होना पड़ेगा। अंत में जल निगम एवं जिला प्रशासन की निंदा भी की गई। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष रामजी सिंह एवं संचालन जिला मंत्री डॉ. सच्चिदानंद ने किया। अखिलेश सिंह, फूलचंद सिंह पटेल, सदानंद, दयाराम सिंह, प्रभुपाल सिंह, अनिल सिंह, नंदलाल सिंह, जय प्रकाश सिंह, श्रवण कुमार पटेल, छत्रभान सिंह, ओमकार नाथ सिंह, हीरालाल, शंकर सिंह मौर्य, अतुल कुमार सिंह, बाबूनंदन यादव, श्यामलाल पाल, लवकुश पाठक, पारसनाथ मौर्य, रामअनुग्रह पटेल आदि मौजूद रहे।