सोनभद्र। यूपी बोर्ड की नकल विहीन परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरे से भले ही सुसज्जित किया गया है, लेकिन एनआईसी के पास फुटेज का कोई रिकार्ड नहीं है और न ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में। अव्यवस्थाएं इस कदर हाबी है कि केंद्र व्यवस्थापकों ने अब तक एनआईसी को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध ही नहीं कराया है। इससे परीक्षा की सुचिता पर सवाल उठना लाजिमी है। डीआईओएस का कहना है कि केंद्र व्यवस्थापकों को सीसीटीवी फुटेज उनके पास ही सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।
वर्ष 2018 में बोर्ड परीक्षा के लिए जनपद मेें 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। इस बार हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में 50,497 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। जिसमें हाईस्कूल के 29,526 परीक्षार्र्थी शामिल थे। इसमें 15,128 बालक, 14,398 बालिकाएं शामिल रहीं। इंटरमीडिएट में 20971 परीक्षार्थी थे, जिसमें 9590 बालक, 11381 बालिका थी। शासन के निर्देश पर परीक्षा को नकलविहिन कराने के लिए डीएम के निर्देश पर सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रतिदिन की परीक्षा का सीसीटीवी फुटेज की सीडी तैयार कर जमा करनी थी। ताकि परीक्षा की शुचिता पर सवाल न उठे। लेकिन अभी तक किसी एक भी केंद्र व्यवस्थापकों ने एनआईसी और डीआईओएस कार्यालय में किसी भी विषय की सीडी उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे मेें परीक्षा के शुचिता पर सवाल खड़ा होना लाजिमी है। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक राजशेखर सिंह का कहना है कि सभी केंद्र व्यवस्थापकों को हर विषय के परीक्षा की सीसीटीवी फुटेज की सीडी तैयार कर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर कभी सीडी मंगाई जा सकती है। कहा कि सभी केंद्रों पर नकलविहिन परीक्षा हो रही है। नकल की जांच करने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और सचल दस्ता निरंतर केंद्रों पर छापेमारी कर जायजा ले रहे हैं।