सोनभद्र। उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन (पंजीकृत) लखनऊ के आह्वान पर जीएसटी में आ रही विसंगतियों को लेकर कर अधिवक्ताओं ने बुधवार को वाणिज्य कर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। अंत में प्रधानमंत्री को संबोधित 18 सूत्री मांगों का ज्ञापन एडिशनल कमिश्नर अपील को सौंपा।
दी सोनभद्र टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र एवं दी टैक्स बार एसोसिएशन, सोनभद्र के अध्यक्ष यादवेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि जीएसटी पोर्टल की खामियों की वजह से जुलाई, अगस्त, सितंबर के मासिक अधिकांश रिटर्न या तो दाखिल नहीं हो पाये हैं या जो दाखिल किए गये हैं, उनमें तमाम प्रकार की गलतियां करदाताओं से जानकारी न होने की वजह से हो गई हैं। जिसके संशोधन या रिवाइज का कोई विकल्प ना होने के कारण व्यापारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जीएसटी पोर्टल के ठीक ढंग से नियमित रूप से काम न करने के कारण जो व्यापारी अपना रिटर्न अंतिम तारीख तक दाखिल नहीं कर सके हैं उनके उपर 200 रुपया प्रतिदिन के हिसाब से पेनाल्टी की कार्यवाही की जा रही है, जबकि सरकार की ओर से जीएसटी लागू होने के पहले ही कहा गया था कि व्यापारियों पर अगले छह महीने तक कोई भी पेनाल्टी की कार्यवाही नहीं की जाएगी। जो व्यापारी 20 लाख वार्षिक के नीचे खरीद बिक्री का व्यवसाय करते हैं, लेकिन वैट में पहले से पंजीकृत होने के कारण जीएसटी में बाहर होना चाहते हैं, परन्तु जीएसटी पोर्टल पर पंजीयन निरस्तीकरण का कोई विकल्प ना होने के कारण छोटे व्यापारियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन में आशीष मिश्रा, एसके श्रीवास्तव, एससी यादव, आरपी यादव, रमेश केशरी, सुरेंद्र केशरी, एके श्रीवास्तव, उमापति पांडेय, राजेश देव पांडेय, एके सिंह आदि शामिल रहे।