सोनभद्र। शहरी और ग्रामीण इलाकों में छोटे-बड़े करीब 1525 पोखरे हैं। लेकिन नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों को पता नहीं है कि उनके पोखरे किस हालत में हैं। पांच सौ से अधिक पोखरे अतिक्रमण की जद में है। हालांकि शासन ने जिला प्रशासन को अविलंब समस्त तालाबों का सीमांकन कराकर उन्हें कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए है।
बताते चले कि सदर तहसील क्षेत्र में 140 ग्राम पंचायत, एक नगर पालिका, तीन नगर पंचायतें है। घोरावल तहसील में 144 ग्राम पंचायत और एक नगर पंचायत एवं दुद्धी तहसील में 60 ग्राम पंचायत और तीन नगर पंचायतें है। तीनों तहसील में 1441 राजस्व गांव है। राजस्व विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में छोटे-बड़े लगभग 1525 तालाब है। इनमें से बुड़हर, बिल्ली, खैरटिया, सेमरिया, बिच्छी, लोढ़ी, खलियारी, पडऱी, रामगढ़, कसारी, पन्नूगंज, नौडिहा, शिवपुर, जयमोहरा, बभनवल, किरहुलिया समेत पांच सौ से अधिक गांवों के तालाबों के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। किसी ने मकान बना लिया है तो कोई घेराबंदी कर खेती और मवेशियों को बांध रहे है। तालाबों पर अतिक्रमण करने को लेकर कई गांवों में विवाद भी हो चुका है। हालांकि इस पर रोक लगाने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को तत्काल तालाबों का सीमांकन करवा कर कब्जा मुक्त कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि तीनों तहसीलों के एसडीएम को लेखपालों के माध्यम से तालाबों की नापीजोखी करवा कर अतिक्रमणकारियों को हटवाने का निर्देश दिया गया है। सदर एसडीएम विशाल यादव का कहना है कि तालाबों पर अतिक्रमण करने वालों को चिन्हित कराया ज रहा है।