सोनभद्र। नियमों की अनदेखी कर अस्पताल संचालन करने वालों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। शनिवार को स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों ने राबर्ट्सगंज हास्पिटल एवं सर्जिकल नर्सिंग होम को सील कर दिया है। इस दौरान अस्पताल संचालक और स्टाफ स्वास्थ्य विभाग पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई करने की बात कहते हुए हंगामा करने लगे। बीते दिनों राबर्ट्सगंज हास्पिटल एवं सर्जिकल सेंटर की शिकायत सीएमओ से की गई थी।
आरोप था कि अस्पताल में नियमों को ताक पर रख कर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। सीएमओ ने डॉ. सलील श्रीवास्तव को मामले की जांच सौंपी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सीएमओ ने अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करते हुए सील करने का निर्देश दिया। शनिवार की दोपहर करीब एक बजे एसडीएम विशाल यादव, डॉ. राघवेंद्र नारायण सिंह और कोतवाली पुलिस राबर्ट्सगंज हास्पिटल एवं सर्जिकल सेंटर पर पहुंची। टीम अभी सील करने की कार्रवाई कर ही रही थी तो अस्पताल से जुड़े कुछ लोग पहुंच गए। उन लोगों का कहना था कि प्रथम तल पर मकान मालिक का परिवार रहता है, इसलिए मेन दरवाजे को सील न किया जाए। साथ ही विरोध करते हुए आरोप लगाया कि राबट्रर्सगंज नगर समेत अन्य कस्बों में अनगिनत निजी अस्पताल एवं क्लिनिक चल रही है। सीएमओ द्वेष भावना से प्रेरित होकर लाइसेंस निरस्त कर सील करवा रहे हैं। एसडीएम ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की तो वह लोग हंगामा करने लगे। कोतवाल ने सख्ती बरती तो लोग शांत हो गए। एसडीएम विशाल यादव ने कहा कि राबर्ट्सगंज हास्पिटल एवं सर्जिकल सेंटर डॉ. सरिता मिश्र के नाम से पंजीकृत था, जिसे सील करवा दिया गया ।