सोनभद्र। नवरात्र का मुहूर्त रजिस्ट्री विभाग के लिए भी काफी शुभ साबित हुआ है। इस अवधि में दस्तावेजों के पंजीयन के प्रति बढ़े रुझान का असर रहा कि आय की कमी से जूझ रहे विभाग को खूब राजस्व प्राप्त हुआ। सदर तहसील के उप निबंधन कार्यालयों में नवरात्र के दौरान 114 रजिस्ट्री हुई, जिससे विभाग को निबंधन शुल्क के रूप में 31 लाख से अधिक का राजस्व मिला है। स्टांप शुल्क के साथ यह राजस्व करीब 1.46 करोड़ रुपये तक है।
किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए लोग शुभ मुहूर्त जरूर देखते हैं। जमीन की खरीद-बिक्री के साथ ही वसीयत, अनुबंध, दानपत्र आदि की रजिस्ट्री में भी लोगों ने शुभ मुहूर्त का ख्याल रखा। अक्तूबर के प्रारंभ में पितृपक्ष के चलते रजिस्ट्री दफ्तर में अधिकतर सन्नाटा पसरा रहता था। इसके चलते विभाग के राजस्व में भी काफी कमी आई थी, लेकिन 15 अक्तूबर से शुरू हुए नवरात्र ने इस कमी को दूर कर दिया। नवरात्र के दौरान सात कार्य दिवसों में सदर तहसील के उप निबंधन कार्यालय में कुल 114 दस्तावेज पंजीकृत किए गए। इनसे विभाग को 3173310 रुपये का निबंधन शुल्क प्राप्त हुआ। इसके अलावा एक करोड़ 15 लाख 15000 रुपये का स्टांप शुल्क जमा हुआ।
घोरावल और दुद्धी में भी खूब हुई रजिस्ट्री
सदर तहसील की तरह घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र में भी नवरात्र के दौरान रजिस्ट्री में तेजी दिखी। घोरावल तहसील में नवरात्र में कुल 103 रजिस्ट्री हुई है। सब रजिस्ट्रार मेराज अहमद के मुताबिक 15 से 24 अक्तूबर के मध्य विभिन्न लोगों ने कुल 103 रजिस्ट्री कराई है। इसमें बैनामा, वसीयत, एग्रीमेंट और दानपत्र शामिल हैं। इनसे कुल 2561971 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। वहीं दुद्धी के सब रजिस्ट्रार श्यामधर यादव ने बताया कि नवरात्र में कुल 58 बैनामा हुए हैं। इसमें रजिस्ट्रेशन व स्टांप शुल्क सहित कुल 34 लाख 19940 रुपये का सरकारी राजस्व प्राप्त हुआ।
अन्य दिनों की अपेक्षा नवरात्र में रजिस्ट्री कराने वालों का रुझान अधिक दिखा। जमीन की खरीद-बिक्री के अलावा दानपत्र के मामले भी अधिक रहे। इससे निबंधन शुल्क के रूप में 31 लाख 73 हजार रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। छूट का लाभ लेने के लिए महिलाओं के नाम अधिक रजिस्ट्री कराई जा रही है। - आनंद शुक्ला, उप निबंधक, सदर तहसील।