जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से कराए गए सत्यापन में 44 महिलाएं मिली हैं जो अपात्र होने के बाद भी पेंशन का लाभ ले रही थीं। इसके अलावा 112 के खाते में मौत के बाद भी पेंशन की राशि पहुंच रही थी। विभाग अब उन्हें जारी हुई राशि की रिकवरी में जुट गया है।
महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित पेंशन योजना के तहत जिले में 25 हजार लाभार्थी हैं। इन्हें हर माह 1000 रुपये मासिक की दर से पेंशन दी जाती है। प्रत्येक तीन माह पर पेंशन राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है।
नए वित्तीय सत्र के पहली तिमाही की धनराशि भेजने से पहले शासन के निर्देश पर सभी लाभार्थियों का सत्यापन कराया गया। इसमें 112 महिलाएं मृत पाई गई हैं। इनके घरवालों की ओर से मौत के संबंध में कोई सूचना विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
वहीं 44 ऐसे लाभार्थी भी मिले हैं, जिन्हें पात्रता न होने के बाद भी पेंशन की राशि मिल रही थी। इन सभी की पेंशन रोक दी गई है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि उन्हें कब से पेंशन दी जा रही थी।
मृत लाभार्थियों के खाते में पेंशन की कितनी राशि गई है। इसके आधार पर उनसे धनराशि वापस ली जाएगी। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जल्द ही पेंशन की नई किश्त भेजने की तैयारी में विभाग जुट गया है।
शासन के निर्देश पर हुए सत्यापन में पेंशन के 112 लाभार्थी मृत और 44 अपात्र पाई गई हैं। उन्हें दी गई धनराशि वापस ली जाएगी। इसके संबंध में उन्हें भेजी गई राशि का ब्योरा खंगाला जा रहा है।
-पुनीत टंडन, जिला प्रोबेशन अधिकारी।
वृद्धा पेंशन के भी 14 लाभार्थी मिले थे अपात्र
निराश्रित महिला पेंशन की तरह वृद्ध पेंशन के भी 14 लाभार्थी सत्यापन में अपात्र पाए गए हैं। बुजुर्गों को पेंशन समाज कल्याण विभाग की ओर से दी जाती है। जिले में इस योजना के तहत 70 हजार से अधिक लाभार्थी हैं। सत्यापन के दौरान 1778 लाभार्थी मृत पाए गए थे। इस आधार पर उनकी पेंशन भी रोकते हुए धनराशि वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई है।