सोनभद्र। जिले में वितरण प्रणाली व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए आपूर्ति विभाग ने पांच केरोसिन थोक विक्रेताओं के यहां सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। अब सीासीटीवी कैमरे की नजर में कोटेदार केरोसिन का उठान करेंगे। कैमरे में किस कोटेदार ने कब कितना केरोसिन ले गया, इसका पूरा रिकार्ड सुरक्षित रहेगा। जरूरत पड़ने पर कैमरे की फुटेज लेकर जांच की जाएगी। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने जिन गोदामों से अनाज की निकासी होती है वहां पर भी कैमरे लगवाने का निर्देश दिया है।
बता दें कि जिले के शहरी इलाकों में 63 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 730 वितरण प्रणाली की दुकानें हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गोदामों से अनाज कोटे की दुकानों तक पहुंचवाने की योजना बनाई है। इस योजना को जिले में चालू करने के लिए अधिकारी रूपरेखा तैयार कर अमलीजामा पहनाने में जुटे हैं। इसी तरह केरोसिन वितरण में पारदर्शिता बरकरार रखने को आपूर्ति विभाग ने राबट्र्सगंज ब्लॉक क्षेत्र में स्थित दो केरोसिन के थोक विक्रेता के गोदाम और दुद्धी ब्लॉक के तीन विक्रेताओं के गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए, ताकि समय से केरोसिन का उठान कर कार्डधारकों को वितरित न करने वाले कोटेदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही की जा सकें। जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने कहा कि थोक विक्रेताओं के यहां से सिर्फ कोटेदार ही केरोसिन का उठान कर ले जा सकते हैं। अगर शिकायत मिलती है कि कोई कोटेदार दूसरे के माध्यम से केरोसिन का उठान करवाता है या समय से उठान नहीं करता है तो सीसीटीवी कैमरे से जांच होगी। आरोप सही मिलने पर संबंधित कोटेदार की दुकान निलंबित कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी। कहा कि शीघ्र ही जिन गोदामों से अनाज की निकासी होती है वहां भी कैमरे लगेंगे। इसके लिए डीएम ने डिप्टी आरएमओ का निर्देशित कर दिया है।