सोनभद्र। गर्मी का आगाज होते ही पहाड़ी क्षेत्रों के हैंडपंपों का जलस्तर नीचे खिसकने लगा है। ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए जल निगम भी तैयारियाें में जुट गया है। जरूरत पड़ने पर गांवों में पानी की आपूर्ति करने के लिए करीब 300 टैंकरों का इंतजाम कर लिया गया है। उपजिलाधिकारियों के निर्देश पर जिन गांवों में जरूरत होगी वहां टैंकरों से पेयजलापूर्ति की जाएगी।
जिले की अधिकांश आबादी पहाड़ी और पठारी इलाकों में निवास करती है। इस कारण प्रतिवर्ष मार्च माह के शुरूआत में ही पेयजल संकट मुंह बाएं खड़ा हो जाता है। इस बार स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब नजर आ रही है। स्थिति यह है कि राबर्ट्सगंज, घोरावल, चतरा, नगवां इलाके के साथ ही चोपन ब्लॉक के रेणुकापार और कोन अंचल, बभनी, दुद्धी, म्योरपुर परिक्षेत्र के साथ ही ऊर्जांचल के भाठ क्षेत्र में स्थित हैंडपंपों में से कई हैंडपंपों का जलस्तर तेजी से नीचे खिसकने लगा है। राबर्ट्सगंज से सटे बढ़ौली, उरमौरा समेत कई गांवों के हैंडपंप पानी छोड़ने की कगार पर पहुंच गए हैं। इसको देखते हुए जल निगम टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराने के इंतजाम में जुट गया है। जल निगम के एक्सईएन फणिंद्र राय ने बताया कि गर्मी के दिनों में गांवों में पानी की आपूर्ति करने के लिए विभागीय और ठेकेदारों के माध्यम से करीब 300 टैंकरों की व्यवस्था कर ली गई है। जरूरत पड़ने पर और टैंकरों का इंतजाम कराया जाएगा। कहा कि जिन गांवों में पानी की समस्या होगी, वहां के ग्रामीणों को एसडीएम के पास टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराने के लिए प्रार्थना पत्र देना होगा। एसडीएम जिन गांवों में पेयजलापूर्ति कराने के लिए निर्देश देंगे, वहां कराया जाएगा।