तापीय परियोजना के डी प्लांट में काम करने वाले आउट सोर्सिंग कंपनी से निकाली गई महिला संविदा श्रमिकों का धरना गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। परियोजना के मुख्य गेट पर धरने पर बैठी महिलाओं ने सुनवाई न होने की निंदा की ।
संविदा संयुक्त संघर्ष समिति के सुरेंद्र पाल ने कहा कि प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण के तहत उन्हें आत्म निर्भर बनाने का दावा खोखला साबित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और प्रबंधन से मांग की कि ऐसे निजी कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए जो महिलाओं को अपमानित कर उनके अधिकारों पर आक्रमण कर रही हैं । इस दौरान मजदूरों ने हस्ताक्षर कर धरना को समर्थन दिया । इस मौके पर निष्कासित 13 महिलाओं के अलावा महिला मंडल की नीलम, सावित्री, शिवकुमार उपाध्याय, गुड्डूू, संजय शर्मा, गणेश सिंह, मुस्ताक अहमद, केदार सिंह आदि मौजूद रहे।