ओबरा। सुभाष तिराहे पर भारतीय संविदा श्रमिक संगठन द्वारा श्रमिक नेताओं को जेल भेजे जाने के विरोध में धरना दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। अध्यक्ष मणिशंकर पाठक ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और परियोजना प्रशासन ने बेगुनाह तीन मजदूर नेताओं को फंसाने की साजिश की है। इस दमनकारी कार्रवाई का संगठन विरोध करता रहेगा, चाहे अपनी जान ही क्यों न चली जाए। संजीव मालवीय ने कहा कि आपसी रंजिश के चलते उच्चाधिकारियों ने प्रकरण को बिना जाने समझे बेबुनियादी कदम उठाकर निर्दोषों को सजा का फरमान सुनाकर अन्याय किया है। जब तक सही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, हम आंदोलन करते रहेगें। धरने में कृष्णा रावत, लाल साहब राय, मुन्ना सिंह, सैयद अहमद हुसैन, बालाजी दुबे, विवेक कुमार लाल, रविंदर यादव, राजू सिंह, विवेक कुमार, पंकज, झारखंडी, रामकिशोर मिश्र, संजय सिंह पटेल, महेंद्र राम शामिल रहे।