ओबरा। रेणुका पार इलाकों के लोग पानी के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। हैंडपंपों के जवाब देने से ग्रामीण रेणु नदी का राख मिश्रित पानी पी रहे। इससे उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा। इतना ही नहीं महिलाएं के चुआंड़ से लाए गए पानी परिवार की प्यास का सहारा बने हैं। उधर, नगर व गांवों के करीब 50 फीसदी हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र के चोपन रोड, सुमन नगर, चूड़ीगली, सिनेमा रोड, मिल्लत नगर, गैस गोदाम रोड, राम मंदिर कालोनी में टैंकर पहुंचते ही घर के बच्चे सहित महिलाएं हाथ में डिब्बा, बाल्टी लेकर दौड़ पड़ रहीं। जबकि इन क्षेत्रों में जल शोधन संयंत्र से पानी सप्लाई के कनेक्शन भी दिए गये हैं। ग्राम पंचायत बिल्ली मारकुंडी में कर्बला, भलुआ टोला, बिल्ली गांव, खैरटिया गांव में पानी की समस्या बढ़ गई है। रेणुका पार के दर्जनों गांव चकाड़ी, गुरूड़, निंगा, बगबइसा, अरंगी, कड़िया, कासपानी, मैराडाड़, पनारी, लोहियाकुंड, फफराकुंड, चैना टोला में जल स्तर नीचे जाने से लोग रेणु नदी का राख मिश्रित पानी पी रहे। गांव के विश्वनाथ पांडेय, मंगल, कन्हैया, रामपति, पतिराज, विनोद, हरि ने बताया कि इन क्षेत्रों में टैंकर से पानी आपूर्ति नहीं की गई तो ग्रामीणों को गंभीर परिणाम भुगतना होगा। ग्राम पंचायत पनारी के सेक्रेटरी शंकर यादव ने बताया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र की कुल आबादी 20298 है। यहां कुल 386 हैंडपंप हैं जिनमें 350 काम कर रहे हैं। 166 कूपों में से 85 ठीक स्थिति में हैं। उधर बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र की खदानों में अंधाधुंध खनन से खदानें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि जल स्रोत से नीचे का पानी आना शुरू हो गया है। खदानों में पानी भर जाने के कारण कार्य प्रभावित होता है जिससे खननकर्ता मोटी कमाई के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें लगाकर लाखों लीटर पानी प्रतिदिन बहा देते हैं।