बरवाखथाड़ के हसन नगर में गुरुवार की शाम जलसे का आयोजन किया गया। कई प्रदेशों से आए उलेमा ने तकरीर में अमन और भाईचारगी का संदेश दिया तो वहीं शायरों ने अपने कलामों से रातभर महफिल सजाए रखी।
मौलाना तस्लीम रजा बलरामपुरी ने अपने नातिया कलाम से भाईचारे का संदेश दिया। कहा कि आपस में सब भाई-भाई कहो, धर्म कहता नहीं कि लड़ाई करो, हिंदू मुस्लिम तो भारत के दो नैन है, धर्म कहता नहीं कि लड़ाई करो। मौलाना मुबारक हुसैन चतुर्वेदी, मौलाना इब्राहिम रजा चतुर्वेदी ने चार भाषाओं में अपनी तकरीर से लोगों को रूबरू कराया। सिंगरौली से आए समन ने अपने नातिये कलाम से जलसे में आए लोगों में जोश भर दिया। बोले अल्लाह का फरमान कभी चेंज ना होगा, उतरा है जो कुरान कभी चेंज ना होगा...।
इसके अलावा मौलाना हैरत समस्तीपुरी, मौलाना कारी मंजर हसन, मौलाना नाजिम अख्तर आदि ने अपने अपने नातिये कलाम व शायरी से महफिल को सजाये रखा। जलसे का संचालन तबीब आलम तबीब ने किया। इस मौके पर हजरत मौलाना खलिलुल रहमान, मौलाना अमिनुद्दीन, मौलाना सगीर, मौलाना इम्तियाज, ग्राम प्रधान फिरोज, सदर साबित अली आदि मौजूद रहे ।