सोनभद्र (ओबरा)। ओबरा-सी परियोजना के विस्तार की जद में आ रहे बाजार को खाली कराने के लिए दुकानों पर नोटिस चस्पा किये जाने से क्षुब्ध व्यापारियों ने गुरुवार से बेमियादी धरना शुरू कर दिया। बाजार बंद कर सुभाष तिराहे पर धरने पर बैठे व्यापारियों ने परियोजना प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बुधवार की रात में थाने का घेराव कर थानाध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपा था।
दुकानों पर चस्पा की गई नोटिस में जगह खाली करने के लिए एक अप्रैल तक का समय दिए जाने से तनाव की स्थिति है। व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील गोयल ने बताया कि व्यापारियों की मांग है कि बाजार से सौ मीटर पीछे बाउंड्री की जाए, जिससे बाजार का अस्तित्व बचा रहे। शाम को वीआईपी गेस्ट हाउस में व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और मुख्य महाप्रबंधक के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद मुख्य महाप्रबंधक इं.एके सिंह ने बताया कि फिलहाल एक माह तक व्यापारियों को नहीं हटाया जाएगा। इस दौरान निगम प्रबंधन को पत्र लिखकर प्रयास किया जाएगा कि प्रभावित दुकानदारों को ज्यादा से ज्यादा राहत मिल सके। व्यापारियों ने वार्ता विफल बताते हुए बेमियादी धरना जारी रखने की बात कही। सपा जिलाध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि व्यापारियों का अहित किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। विजय शंकर ने कहा कि व्यापारियों की दुकानें तोड़कर सरकार क्या साबित करना चाहती है। रमेश सिंह यादव ने कहा कि ओबरा 60 वर्षों से बसा है। इसे हरगिज उजड़ने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रानमती देवी, राज सुशील, आलोक भाटिया, जेपी सिंह, बृजेश तिवारी, सुशील पांडेय, सुशील कुशवाहा, चंदू शुक्ला, विरेंद्र यादव, विरेंद्र मित्तल, पवन जिंदल, राजेश गोयल, शशांक मिश्रा मौजूद रहे।