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गहमागहमी के बीच जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव पास

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सोनभद्र। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पास किया। अध्यक्ष पद को लेकर आए अविश्वास प्रस्ताव पर गुरुवार को गहमागहमी के बीच बहस व मतदान हुआ। दोपहर 12 बजे से दो बजे तक चर्चा एवं मतदान के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मुहर लग गई। जिला न्यायालय के सिविल जज सीनियर डिविजन विनय कुमार सिंह की देखरेख में हुई चर्चा में अध्यक्ष के पक्ष में कोई सदस्य नहीं आया। महज अध्यक्ष ही मौजूद रहे, जबकि अध्यक्ष के विपक्ष में 25 सदस्यों ने मतदान किया। जिला पंचायत के 33 सदस्यों में से सात सदस्य अविश्वास प्रस्ताव में भाग ही नहीं लिया।
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दोपहर करीब साढ़े 12 बजे से सिविल जज सीनियर डिविजन की मौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव पर सदस्यों ने चर्चा शुरू की। हिंदुआरी क्षेत्र के सदस्य विनोद मौर्य, बभनी के देव नारायण सिंह, किरविल के बिरझन राम पनिका, तरावां के रमाकांत, बरहमोरी के रामजकुमार गोड़, कोटा के सुभाष पाल, शाहगंज के राजकुमार संघर्षी, सोढ़ा के तेजबली, सिरसिया ठकुराई के नागेंद्र, निगाई के विमलेश यादव, मधुपुर के राजकुमार यादव, तिलौली की कलावती, अनपरा की अंशु श्रीवास्तव, शक्तिनगर के मुनीब गुप्ता, बघाडू की दुर्गावती, रामगढ़ की राजपति देवी, सरंगा की संजूलता, मूर्तिया की अमरावती, घघरी की काजल, म्योरपुर के मानसिंह, कुलडोमरी के बालेश्वर सिंह, नगवां के अमरेश पटेल, चुर्क के मनोज सोनकर, जुगैल के रामवृक्ष, कचनरवा की रामपति ने एक स्वर में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष मनमाने ढंग से कार्य कर रहे थे। सदस्यों के क्षेत्र में विकास कार्य न होने से जनता नाराज है। अध्यक्ष ने नियमों को ताख पर रखकर कई कार्य किए हैं। इसलिए वे लोग अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। सदस्यों ने बैलेट पेपर के जरिए मतपेटिका में मतदान किया। अविश्वास के पक्ष में 25 मत पड़ा, जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव के पक्ष में एक भी सदस्यों मत नहीं दिया। अविश्वास पास होने की खबर मिलते ही जिला पंचायत के बाहर खड़े भाजपाइयों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
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