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शासन ने आधार कार्ड से वंचित बच्चों का रिकार्ड किया तलब

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सोनभद्र। आंगनबाड़ी केंद्रों पर अध्यनरत करीब 83 हजार बच्चों का आधार कार्ड न बनने का मामले को योगी सरकार ने गंभीरता से लिया है। शासन ने डीपीओ से अविलंब आंगनबाड़ी केेंद्रों पर अध्यनरत कितने बच्चों का आधार कार्ड बना है और कितने का नहीं बना है का रिकार्ड तलब किया है। डीपीओ ने सभी सीडीपीओ से रिकार्ड तैयार करना शुरू कर दिया है। मार्च 2015 में सपा सरकार ने आधार योजना के तहत राबर्ट्र्सगंज, नगवां, चतरा, घोरावल, चोपन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉक क्षेत्र के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित 1825 आंगनबाड़ी केेंद्रों पर अध्यनरत शून्य से पांच वर्ष के करीब दो लाख 30 हजार बच्चों का आधार कार्ड बनाने का कार्य शुरू करवाया। इसके लिए शासनस्तर से सीएसीएसपीबी इंडिया लिमिटेड संस्था को नामित किया गया था। संस्था को 31 मार्च, 16 तक केंद्रों पर अध्यनरत संपूर्ण बच्चों को आधार कार्ड बनाना था। कार्यदायी संस्था ने शुरू में ब्लॉकवार बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए करीब 85 टीमें लगाई। अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर टीमों ने बच्चों का नि:शुल्क आधार कार्ड बना शुरू किया। इसकी मानिटरिंग सभी सीडीपीओ कर रहे थे। लेकिनि समयसीमा के भीतर कार्यदायी संस्था ने 50 प्रतिशत भी बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना सकी। प्रशासनिक अधिकारियों ने शासन को कार्यदायी संस्था के खिलाफ लिखापढ़ी भी की। बावजूद इसके संपूर्ण बच्चों का कार्ड नहीं बन सका। डीपीओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक कार्यदायी संस्था ने लगभग एक लाख 53 हजार बच्चों का ही आधार कार्ड बनाई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह ने कहा कि शासन ने कौन से केंद्र पर कितने बच्चे शून्य से छह वर्ष के बच्चें पंजीकृत है और इनमें से कितने का आधार कार्ड बना है कि रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। कहा कि दो-तीन दिन में शासन को रिपोर्ट प्रेषित कर दी जाएगी। पूर्व नामित कार्यदायी संस्था की लापरवाही से हजारों बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना सका है।
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