प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत धनराशि मिलने के बाद भी 1069 लाभार्थियों के आवास पूरे नहीं हो पाए हैं। किसी ने आवास का पैसा दवा-इलाज में खर्च कर दिया तो किसी ने दूसरे कामों में।
कई लाभार्थियों के नींव स्तर का काम भी अधूरा है, जबकि उन्हें दूसरी किश्त भी मिल चुकी है। आवास का पैसा हजम करने वालों को अब विभाग तलाश रहा है। उन्हें नोटिस देकर रिकवरी की तैयारी है।
झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले प्रत्येक परिवार को पक्की छत मुहैया कराने के मकसद से प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन हो रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आवास बनाने के लिए 1.30 रुपये की धनराशि दी जाती है।
नगरीय क्षेत्रों में यह धनराशि लगभग दो गुनी है। योजना में चयन के लिए वर्ष 2011 के सर्वे को आधार बनाया गया है। किन्हीं कारणों से जो गरीब सर्वे सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनकी पात्रता का सत्यापन करते हुए मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जा रहा है।
आंकड़ों पर गौर करें तो पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 80516 लाभार्थियों को अब तक धनराशि स्वीकृत की गई है। इसमें 80181 अब तक पूरे हो चुके हैं।
अवशेष 335 आवासों में ज्यादातर ऐसे हैं, जिनके लाभार्थियों को दूसरी किश्त भी जारी हो चुकी है, बावजूद वह निर्माण नहीं करा रहे। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भी जिले में 23709 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इस श्रेणी के 734 आवास अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं।
विभाग लाभार्थियों से संपर्क कर उन्हें आवास बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, लेकिन वह इसे पूरा कराने में रुचि नहीं ले रहे। अब उन्हें नोटिस देकर आवास के लिए अवमुक्त धनराशि के रिकवरी की तैयारी है।
दो साल पहले मिला था पैसा खर्च हो गया
कोन ब्लॉक के लौकवाखाड़ी गांव में राजकुमार घसिया को वर्ष 2022-23 में आवास मिला था। पैसा खत्म हो गया, लेकिन अब तक नींव स्तर से ऊपर काम नहीं हो पाया है। इसी गांव के त्रिभुवन घसिया का भी आवास अधूरा है। बताया कि आवास बनाने के लिए जितना पैसा मिला था, वह इतने में ही खर्च हो गया। हम मजदूरी करते हैं। अब आगे के काम के लिए पैसा कहां से लाएं।
अंतिम किश्त के इंतजार में नहीं पड़ी छत
रॉबर्ट्सगंज नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 नई बस्ती निवासी गीता देवी को तीन किश्त मिल चुकी है। बावजूद छत नहीं पड़ती है। बताया कि बारिश के बाद काम लगाएंगे। इसी मोहल्ले के कलीम के आवास में दीवार खड़ी हो गई, लेकिन छत नहीं पड़ी है। परिवार तिरपाल लगाकर रह रहा है। अंतिम किश्त मिलने पर छत पूरा हो जाएगा। उर्मिला को पहली किश्त जारी हुई, मगर काम शुरू नहीं हुआ। उन्हें नोटिस भी जारी की गई है।
ब्लॉकों में अधूरे आवास की स्थिति
ब्लॉक : पीएम आवास: सीएम आवास
बभनी: 5: 41
चतरा: 42: 41
चोपन: 6: 55
दुद्धी: 35: 38
घोरावल: 18: 222
करमा: 12: 60
कोन: 36: 94
म्योरपुर: 36: 49
नगवां: 65: 44
रॉबर्ट्सगंज: 80: 90
कुल: 335: 734
सभी ब्लॉकों के बीडीओ को निर्देशित किया गया है कि वह लाभार्थी से संपर्क कर अधूरे आवास को पूरा करें। अगर कहीं दिक्कत आ रही है तो उस बारे में भी सूचना भी दें। धनराशि निकालने के बाद भी जिनके आवास अधूरे हैं, उन्हें नोटिस जारी कर सरकारी धन की रिकवरी कराई जाएगी।
-श्रवण कुमार राय, परियोजना अधिकारी, डीआरडीए।