सोनभद्र। स्वराज अभियान के राष्ट्रीय नेता अखिलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि पिछले दो दिनों से प्रधानमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेताओं ने जिले में चुनावी जनसभा की, लेकिन सभी यहां के आदिवासियों व वनाश्रितों की जिदंगी के लिए महत्वपूर्ण वनाधिकार कानून समेत खेती, किसानी की बेहतरी और रोजगार के सवाल पर वह चुप रहे। उनकी यह चुप्पी स्पष्ट रूप से दिखाती है कि इन दलों की दिलचस्पी महज आदिवासियों, वनाश्रितों व आम नागरिकों के वोट लेने में है। उनके सवालों को हल करने में नहीं है। इसलिए जनता को इनकी राजनीति से सचेत रहने की जरूरत है।
सोमवार को घोरावल, नौगढ़, राबर्ट्सगंज में चुनावी सभा में अखिलेंद्र ने कहा कि हमने वनाधिकार के सवाल को हाईकोर्ट से हल कराया है। बेदखली पर रोक लगी और दावों का पुर्नपरीक्षण शुरू हुआ। इस क्षेत्र में वनाधिकार के तहत जमीन पर अधिकार, किसानों को सहकारी समिति बनाकर ब्याजमुक्त कर्ज, सहकारी खेती को बढ़ावा देकर उत्पादकता बढ़ाना, संपूर्ण कर्ज माफी, किसानों की उपज की लाभकारी मूल्य पर सरकारी खरीद व समयबद्ध भुगतान, खाली पड़ी वनभूमि पर फलदार वृक्ष लगाने का अधिकार देना, शुद्ध पेयजल को सुनिश्चित करना और स्थानीय निवासियों की सहकारी समिति के माध्यम से खनन कराना जैसे सवालों को इस चुनाव में प्रमुख मुद्दा बना रहे है। जिन पर चुनाव के बाद बड़ा जनांदोलन छेड़ा जायेगा। इस दौरान युवा मंच नेता संतोष गौतम, रामनारायन, रामेश्वर प्रसाद, बीडीसी परमेश्वर कोल, ओम प्रकाश मौर्य, धर्मेंद्र कुमार, गंगा चेरो, कांता कोल मौजूद रहे।