ओबरा। न्याय के देवता सूर्यपुत्र शनिदेव का जन्मोत्सव शनिवार की शाम शनि मंदिर प्रांगण में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। शनि शक्तिपीठ के महंत बाल योगेश्वरानंद शनि महाराज ने पूजन-अर्चन की प्रक्रिया पूरी कराई। शनिदेव का सरसों के तेल से अभिषेक कर श्रृंगार किया। इसके बाद तिल, नारियल, चना, गुड़, लोहे का छल्ला और काला वस्त्र अर्पित कर मंगल कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार करते हुए रोग, दोष, शोक,निवारण और शनि ग्रह शांति के लिए यज्ञ किया। शनिदेव के गीत, भजन, महाआरती के बाद केक काटकर जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन किया गया। महंत ने कहा कि शनिदेव को बुरे ग्रहों में नही गिना जाता । वह व्यक्ति को किसी भी प्रकार से नुकसान नही पहुंचाते। वह कठिन परिश्रम, अनुशासन, निर्णय लेने की क्षमता आदि गुणों के लिए जाने जाते हैं। शनिदेव मनुष्य के इसी गुणों से प्रभावित होकर फल देते हैं। जो लोग ऐसा नहीं करते हैं उन्हें ही अपने जीवन में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए शनिदेव को कर्म का फल देने वाले देवता के नाम से भी जाना जाता है। इस मौके पर केएन सिंह, कमलेश उपाध्याय, दिनेश पांडेय, राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय, महेश देव पांडेय, रामकुंडल पांडेय आदि मौजूद रहे।