दुद्धी। दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने शनिवार को फिर कचहरी गेट पर प्रदर्शन किया। न्यायिक कार्य से विरत रह कर अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में ही जुलूस निकाला और मांग के समर्थन में नारेबाजी की। फिर कचहरी गेट पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। यहां सभा कर प्रदेश सरकार पर मांग की उपेक्षा करने का आरोप अधिवक्ताओं ने लगाया।
यहां बार संघ के पूर्व अध्यक्ष दिनेश अग्रहरि ने कहा कि सोनभद्र यूपी का दूसरा सबसे बड़ा जिला होने के साथ ही साथ पूर्व के नक्सल प्रभावित तीन जिलों में से एक है। इसके बावजूद जिले के सोन नदी के दक्षिण का क्षेत्र अभी भी विकास से अछूता है। वजह कि तहसील दुद्धी के पूर्वी-पश्चिम एवं दक्षिणी सीमा पर स्थित गांवों से जिले का मुख्यालय राबर्ट्सगंज अब भी करीब 150 किमी दूर स्थित है। इससे प्रशासन तक जनता की पहुंच नहीं हो पाती है। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। जिला बनाओ संघर्ष समिति के महासचिव प्रभु सिंह ने कहा कि दुद्धी को जिला बनाने की घोषणा सरकार को लोकसभा चुनाव से पहले करना चाहिए। कहा कि प्रदेश सरकार वर्षों से चली आ रही मांगों के प्रति अभी तक संजीदा नहीं है। परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सर्वाधिक राजस्व देने वाले नक्सल प्रभावित, आदिवासी बाहुल्य, अति पिछड़े क्षेत्र के लोगों को सुलभ एवं सस्ता न्याय दिलाने एवं शासन प्रशासन तक जनता की पहुंच आसान बनाने के लिए दुद्धी को पृथक जिला बनाना अति आवश्यक है। प्रदर्शन में रामपाल जौहरी, रामअजोर भारती, प्रेमचंद्र यादव, कुलभूषण पांडेय, रामप्रकाश सिन्हा, अजय मिश्रा, मनोज मिश्रा, अशोक कुमार गुप्ता, राकेश श्रीवास्तव, नंदलाल, कैलाश गुप्ता, सरवर हुसैन, राम ख्याल सिंह, हरनाम सिंह, मनोज कनौजिया शामिल रहे।