सोनभद्र । पर्यावरण संरक्षण संतुलन बनाये रखने के लिए अधिक से अधिक स्कूलों, महाविद्यालय परिसरों व अपने आस-पास के क्षेत्रों में पौधरोपण किया जाए। पौधरोपण में अव्वल पांच स्कूलों को 15 अगस्त को सम्मानित किया जाएगा। पौधरोपण करने के बाद उसकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए। उक्त बातें जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने पौधरोपण कराये जाने से संबंधित बैठक में कलेक्ट्रेट सभागार में कही।
उन्हाेंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने व प्रदूषण से बचाव व स्वच्छ हवा, आक्सीजन के लिए अपने-अपने प्रधानाचार्य व प्राचार्य स्कूल परिसर व आसपास, अपने ट्रस्ट के जमीनों पर ज्यादा से ज्यादा पौध रोपित करें। प्राईवेट स्कूलों में संचालित होने वाली बसों को मानक के अनुरूप चलाए जाने की भी हिदायत दी। स्कूल में मूलभूत सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्था मजबूत रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने स्कूल परिसर में 100 से अधिक पौधरोपण करने वाले विद्यालयों को जिला प्रशासन द्वारा ग्रीन सर्टिफिकेट प्रमाण-पत्र मुहैया कराये जाने की भी बात कही। बताया कि पांच सबसे ज्यादा पौधरोपण करने वाले विद्यालयों को 15 अगस्त समारोह में सम्मानित किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि सभी विद्यालयों व महाविद्यालयों को क्षमता के अनुसार पौध रोपित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित करें। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी रामबाबू त्रिपाठी, जिला विद्यालय निरीक्षक, वनाधिकारीगण, विद्यालय व महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यगण व प्राचार्यगण आदि मौजूद रहें। ओबरा प्रतिनिधि के अनुसार खैरटिया स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को विभिन्न प्रजाति के 25 फलदार पौधे रोपे गए। ग्राम सेवा समिति के अध्यक्ष शिवदत्त दुबे, विद्यालय की प्रधानाचार्य रजनी प्रजापति, अलका सिंह, रितू सिंह, रीता यादव, सुनील प्रसाद गुप्ता ने विद्यालय के बच्चों के साथ पौधरोपण किया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
सोनभद्र । युवा कल्याण विभाग से संचालित ग्रामीण स्टेडियम कठपुरवां में बुधवार को पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। जिला युवा कल्याण अधिकारी एनबी सिंह व सहायक निबंधक टीएन सिंह ने संयुक्त रूप से पौधरोपण किया। जिला युवा कल्याण अधिकारी ने बताया कि स्वैच्छिक संगठन, युवक व महिला मंगल दलों, पीईरडी स्वयं सेवकों के माध्यम से अभियान चलाकर पौधरोपण कराया जाएगा। बुधवार को 50 पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान अशोक कुमार उपाध्याय, वीरेंद्र प्रताप सिंह, महफूज अली, ब्रह्मानंद सिंह, केदारनाथ, जितेंद्र, चंद्रपाल, सुभाषचंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।