सोनभद्र। जिले में गुरुवार की भोर में आई आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। लोग बेहाल नजर आए। करीब एक घंटे चली आंधी और उसके बाद हुई बरसात से कई लोगों के घरों के टीन शेड उड़ गए। बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मिर्जापुर-शक्तिनगर मार्ग पर हिंदुआरी के पास पेड़ गिरने से घंटों जाम लगा रहा।
राबर्ट्सगंज-मिर्जापुर मार्ग पर हिंदुआरी से केकराही तक तीन स्थानों पर आंधी के दौरान पेड़ गिरने से जाम लग गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। पुलिस ने पेड़ों को कटवा कर सड़क से हटवाया। तब करीब चार घंटे बाद सुबह साढ़े सात बजे जाम खुला। राबर्ट्सगंज नगर में भी आंधी व बारिश के चलते की लोगों को टीन शेड उड़ गए। आंधी आने के तत्काल बाद ही नगर की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। न्यू कालोनी में रात से ही बिजली आपूर्ति ठप रही। गुरुवार को पेट्रोलिंग कर पीसीएल कर्मियों ने मरम्मत कर विद्युत आपूर्ति बहाल की। बिजली न होने से तमाम लोगों के सामने पानी की किल्लत भी हो गई। हालांकि सुबह 10 बजे के आसपास बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। राबर्ट्सगंज कचहरी में आंधी से कई अधिवक्ताओं के बैठने का छाजन उड़ गया।
ममुआ निवासी त्रिपुरारी देव का घर आंधी से क्षतिग्रस्त हो गया। बिच्छी में एक व्यक्ति की झोपड़ी गिर गई। तियरा में यूकेलिप्टस का पेड़ गिरा है। करमा थाना क्षेत्र के भरुहां गांव में आंधी से अशोक तिवारी के घर का टीन शेड उड़ गया। क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति भी ठप हो गई। जेई अशोक कुमार ने बताया कि करमा, भटौलिया, केकराही इलाके में बिजली के आठ खंभों के टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है। इससे हाईटेंशन लाइन के अलावा एलटी लाइन के तार टूट गए हैं। इसकी मरम्मत में कई दिन लग सकते हैं।
डाला : तेज आंधी व बरसात के दौरान तेलगुड़वा-कोटा पर तेज साडा से लगाया सांकेतिक बोर्ड मुख्य मार्ग पर जा गिरा। इससे तेलगुड़वा-कोन मार्ग पर यातायात छह घंटे तक बाधित रहा। कोटा ग्राम पंचायत में दर्जनों घरों के टीन शेड उड़ गए। डाला बाजार के नई बस्ती में शादी समारोह में लगा टेंट तेज आंधी के चलते धराशाई हो गया। खनन मजदूरों की झोपडिय़ां उड़ गई।
म्योरपुर : थाना क्षेत्र में आंधी और पानी ने जमकर तबाही मचाई। मार्ग पर पेड़ों के गिरने से आवागमन भी प्रभावित हुआ है। आश्रम मोड़, रासपहरी, म्योरपुर, किरबिल, देवरी आदि गांवों में तबाही हुई है। पेड़ों के उखडने से बिजली के तार और खंभों को भी क्षति हुई है। इससे विद्युत आपूर्ति भी ठप रही। पेड़ों के गिरने की वजह से मुर्धवा-बीजपुर मार्ग पर भी आवागमन में काफी परेशानी हुई है। रनटोला रेलवे क्रासिंग के समीप भी पेड़ गिरने परेशानी झेलनी पड़ी।
बीजपुर : इलाके में गुरुवार की सड़कों को आंधी से काफी क्षति हुई है। तारों के टूटने से दूरसंचार और बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। कई घरों के शेड उड्ने के अलावा पेड़ भी गिरे हैं। आंधी पानी से फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है।
बभनी/आसनडीह : आंधी से बभनी ब्लाक क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण परेशान रहे। बभनी के चैनपुर गांव में रामविलास दूबे के मकान पर लगा शेड तेज आंधी से उड़ गया। कई स्थानों पर शादी के लिए लगाए गए टेंट के उड़ जाने से भारी नुकसान हुआ है।
विढंमगंज : आंधी व बारिस से थाना क्षेत्र में काफी क्षति हुई है। महुली निवासी सुलेमान अंसारी व मुहम्मद अली पुत्रगण रमजान अली के कच्चे मकान पर आम का पेड़ गिरने से घर क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत था कि जैसे ही पेड़ गिरा परिवार के सभी सदस्य तत्काल बाहर निकल गए। जिससे उनकी जान बच गई। घिवही गांव निवासी राजेंद्र कुशवाहा के घर के सामने यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से उसके नीचे दब कर गाय की मौत हो गई। रीवा-रांची राजमार्ग पर चलती ट्रक पर पेड़ गिर जाने के कारण चालक उसका चालक मामूली रूप से घायल हो गया। आंधी से इलाके की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
ओबरा : गुरुवार की भोर में आई तेज आंधी और बरसात की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए। वहीं पेड़ों की चपेट आने से बिजली के खंभे गिर गए। जिसकी वजह से बिजली सप्लाई बाधित हो गई। परियोजना के हाइडिल के अभियंता विनय दीक्षित ने बताया कि पेड़ों को हटाकर लाइन ठीक किया जा रहा है।
इनसेट...
सोलर प्लेट, टीन शेड व खपरैल क्षतिग्रस्त
सागोबांध। बभनी थाना क्षेत्र के सागोबांध इलाके में बुधवार की रात आई आंधी से बभनी व म्योरपुर ब्लाक के ज्यादातर गांव में बड़े-बड़े पेड़ उखड़ कर गिर गए। इससे फसलों को भी भारी क्षति हुई है। प्राथमिक विद्यालय फरीपान में नौनिहालों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगा आरओ का सोलर प्लेट छब से गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे बच्चों को प्यास बुझाने के लिए काफी दूरी तय करनी पड़ी।
ऊर्जांचल में गुरुवार की भोर में आई तेज आंधी से दर्जनों पेड़ जहां धराशाई हो गए, वहीं कई झोपडिय़ों के शीट उड़ गए। धूल भरी आंधी ने पूरे क्षेत्र को आगोश में ले लिया। देखते ही देखते टीन छप्पर उडने लगे।शक्तिनगर में रेलवे लाइन पर पेड़ गिर पड़ा।
आंधी का आलम यह रहा कि अनपरा तापीय परियोजना आवासीय परिसर में आधा दर्जन पेड़ जड़ से उखड़ कर सड़कों पर गिर पड़े। जिससे आवागमन बाधित हो गया। काशी मोड़ में वन विभाग के आफिस के पास एक पेड़ वहां बनी अस्थाई दुकानों पर गिर पड़ा। जिससे तीन दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई। दुकानों में रखा सामान भी इसकी चपेट में आ गया। कौव्वानाला बस्ती में भी कई गरीब परिवार के झुग्गी झोपड़ी के सीट जहां उड़ गए, वहीं आंधी के बाद शुरू हुई बरसात से विद्यालय व कार्य पर जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। आंधी में सर्वाधिक नुकसान आम के फलों को हुआ। इस दौरान लोग अपने छतों को ठीक करते नजर आए। शक्तिनगर रेलवे स्टेशन के समीप आंधी के दौरान एक पेड़ रेलवे लाइन पर जा गिरा। गनीमत था कि उस वक्त कोई ट्रेन गुजर नहीं रही थी। जैसे ही इसकी जानकारी अधिकारियों को हुई, पेड़ की टहनियों को काट कर रेलवे लाइन के व्यवधान को हटा दिया गया। इससे किसी ट्रेन के प्रभावित होने की सूचना नहीं है।