सोनभद्र। अवर्षण की मार से टूट चुके किसानों को मंगलवार को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी। जिले को सूखाग्रस्त करने को पिछले दिनों जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट को शासन ने मंजूर कर ली है। डीएम अमित कुमार सिंह के निर्देश पर एडीएम ने राजस्व कर्मियों से सूखाग्रस्त इलाकों और गांवों की विस्तृत रिपोर्ट एवं प्रभावित किसानों की सूची तलब की है। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को सूखा राहत की रकम वितरित की जाएगी। वहीं उन्हें अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
अगस्त 2017 के बाद बारिश न होने से किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। असिंचित क्षेत्रों में तमाम किसानों ने खरीफ की खेती ही नहीं की। कुछ माह पूर्व जिला प्रशासन ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजा। लेकिन पिछले दिनों शासन ने संपूर्ण जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने से इंकार करते हुए सिर्फ उन्हीं गांवों को सूखाग्रस्त घोषित करने का निर्देश दिया था, जिन गांवों में पचास प्रतिशत से कम खेती हुई है या 33 प्रतिशत फसल नुकसान हो गया है। इसके बाद जिला प्रशासन ने सूखाग्रस्त गांवों की रिपोर्ट भेजी। दो दिन पूर्व जिले में आए उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी यहां की स्थिति देखी। इसके बाद मंगलवार को शासन स्तर से जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की रिपोर्ट मंजूर कर ली गई।
डीएम अमित कुमार सिंह ने शासन से जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की पुष्टि की है। एडीएम उमाकांत तिवारी ने कहा कि राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल एसडीएम को कानूनगो, लेखपालों के माध्यम से सूखाग्रस्त गांवों की विस्तृत रिपोर्ट एवं प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर उपल्ब्ध कराने का निर्देश दे दिया गया है।