सोनभद्र। आदिवासी अंचल के 100 छात्र-छात्रा राजभवन घूमने जाएंगे। उन्हें राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने विशेष आमंत्रण देकर बुलाया है। राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले यह विद्यार्थी अतिथि बनकर राजभवन जाएंगे। राजभवन के साथ वह राजधानी लखनऊ के अन्य ऐतिहासिक व सार्वजनिक स्थलों का भी भ्रमण करेंगे। राजभवन से न्योता आने के बाद जिला प्रशासन इसकी कवायद में जुट गया है। गणतंत्र दिवस से पहले ही विद्यार्थियों को लखनऊ ले जाया जाएगा।
पिछले माह बभनी के सेवाकुंज आश्रम में आईं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने आदिवासी बहुल जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया था। उन्होंने आह्वान किया था कि बच्चों को राजभवन लाया जाए और उन्हें प्रदेश की खूबियाें, बदलावों से रूबरू कराया जाए। बच्चे उसे देखें, समझें और महसूस करें। उन्हें देश व समाज के लिए कुछ अलग करने की प्रेरणा मिले। राज्यपाल के राजभवन पहुंचते ही इस पर अमल भी शुरू हो गया है। राजभवन की ओर से जिला प्रशासन को 100 छात्र-छात्राओं को लखनऊ लाने के निर्देश मिले हैं। ये वे विद्यार्थी होंगे, जो राजकीय विद्यालयों में पढ़ते हैं और मेधावी हैं। निर्देशों के तहत पीएमश्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रॉबर्ट्सगंज और पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज घोरावल से 50-50 छात्र-छात्राओं के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनकी सूची तैयार कर राजभवन भेजी जा रही है। वहां से अनुमति मिलते ही विद्यार्थियों को विशेष वाहन से लखनऊ ले जाया जाएगा। डीआईओएस और माध्यमिक शिक्षा परियोजना के जिला समन्वयक भी विद्यार्थियों के दल के साथ जाएंगे। छात्र-छात्राओं को राजभवन के साथ सूबे की राजधानी के प्रमुख ऐतिहासिक और सार्वजनिक स्थलों को भी भ्रमण कराया जाएगा। यह पहला मौका है, जब जिले के सामान्य परिवारों के बच्चों को राजभवन घूमने का मौका मिल रहा है।
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100 छात्र-छात्राओं को लखनऊ लाने के लिए राजभवन से निर्देश मिले हैं। रॉबर्ट्सगंज और घोरावल से मेधावी बच्चों की सूची तैयार कर भेजी जा रही है। अभी तिथि तय नहीं है, लेकिन 26 जनवरी से पहले ही यह दल जाएगा। यकीनन छात्र-छात्राओं के लिए यह अविस्मरणीय पल होगा। उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। -जयराम सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।