सोनभद्र। आठ वर्ष पूर्व पशुओं के छप्पर में आग लगाने के मामले में सोमवार की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम खलीकुज्जमा की अदालत ने दोष सिद्ध होने पर दोषी तीन सगे भाइयों को 10- 10 वर्ष की कैद और प्रत्येक पर 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक ओबरा थाना क्षेत्र के पनारी टोला करमसार गांव निवासी रामसूरत यादव पुत्र रामजग यादव ने थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 21 फरवरी 2015 को रात साढ़े 12 बजे पड़ोस के रामानिहोर यादव, महेंद्र यादव, गम्मू यादव व एक नाबालिग ने पशुओं के छाया के लिए बने छप्पर में आग लगा दी। जिससे एक भैंस की जलकर मौत हो गई। जबकि 11 अन्य भैंस व एक बैल झुलस गए। तहरीर पर 22 फरवरी 2015 को एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने ओबरा थाना क्षेत्र के करमसार पनारी गांव निवासी तीन सगे भाइयों व रामानिहोर यादव, महेंद्र यादव, गम्मू यादव व प्रदीप यादव के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी तीन सगे भाइयों रामनिहोर यादव, महेंद्र यादव व गम्मू यादव को 10- 10 वर्ष की कैद 12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता कुंवर वीर प्रताप सिंह ने बहस की।