नौ वर्ष पूर्व किशोरी से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। चालीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 40 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन के मुताबिक दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने कोतवाली में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 28 मार्च 2013 को उसकी बेटी (15) शात सात बजे घर पर अकेली थी। उसे अकेला पाकर दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के दुमहान गांव निवासी राजन कुशवाहा खींचकर बाहर ले जाने का प्रयास करना लगा तभी बेटा आ गया और उसके विरोध करने पर राजन भाग गया। पुन: 30 मार्च को दोपहर में पता चला कि बेटी को लेकर राजन गायब हो गया। इस तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर विवेचना की और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान राजन को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद एवं 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वही अर्थदंड की समूची धनराशि 40 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह एडवोकेट ने बहस की।